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दर्दनाक तबाही के बीच 128 घंटे तक मौत से लड़ी यह महिला

Sat, 02 May 2015 01:01 PM IST
Updated Sat, 02 May 2015 01:01 PM IST
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Female extracted alive from the rubble after 128 hours in Nepal.

नेपाल में बीते शनिवार को आई तबाही के 128 घंटे बाद एक भवन के मलबे से 24 वर्षीय महिला को जिंदा निकाला गया है। यह खुशकिस्मत महिला हैं कृष्णा देवी खड़का।

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अखबार कांतिपुर में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि कृष्णा को नेपाल फौज, नेपाल पुलिस और इस्राइली बचाव टीम ने बृहस्पतिवार को गोंगाबू गांव के जनसेवा गेस्ट हाउस से जिंदा निकाला। शनिवार को आए 7.9 की तीव्रता वाले भूकंप के पांच दिन बाद तक कृष्णा का जीवित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
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कृष्णा से पहले एक किशोर को भी पांच दिनों के बाद मलबे से निकाला गया था। बचाव कर्मी अभी भी दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। भूकंप के बाद भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव के कामों में बाधा पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ इलाकों में लोगों का गुस्सा सामने आने लगा है। प्रभावित लोगों के पुलिस और बचाव टीम से भिड़ने की भी खबर आ रही हैं।

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जरूरी चीजों की कीमतें आसमान पर

Female extracted alive from the rubble after 128 hours in Nepal.

नेपाल में आपदा की यह घड़ी कुछ मुनाफाखोर व्यापारियों के लिए अवसर बन गया है। व्यापारियों ने कालाबाजारी शुरू कर दी है, जिस कारण भूकंप पीड़ितों को कई जरूरी चीजों के लिए दोगुने से अधिक कीमत का भुगतान करना पड़ रहा है। आधा लीटर दूध के लिए 70 नेपाली रुपये देने पड़ रहे हैं। सामान्य तौर पर आधा लीटर दूध की कीमत 35 रुपये होती है।

बता दें कि नेपाल में पिछले शनिवार को आए भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। तबाही लेकर आए 7.9 तीव्रता वाले भूकंप से मरने वालों की संख्या 6000 हजार को पार कर गई है। इतने बड़े भूकंप के बाद भी इलाके में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं।

इस बीच नेपाल में भूकंप आए छह दिन बीत गए हैं। काठमांडू और आसपास के इलाके में अभी भी मलबे में काफी लोगों के दबे होने की आशंका है। यूनिवर्सिटी राहत शिविर में आने वाले बता रहे हैं कि मलबे से दुर्गंध उठ रही है। ऐसे में महामारी की आशंका से नेपाली मूल के लोगों ने अपना वतन छोड़ना शुरू कर दिया है।

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