हसन अली ने कहां छुपा रखा है कालाधन, FBI ने दी जानकारी
अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने देश के सबसे बड़े हवाला डीलर माने जाने वाले हसन अली के विदेशों में छुपे काले धन के बारे में अहम जानकारी दी है।
वित्त मंत्रालय को दी गई जानकारी में एफबीआई ने अली के कई टैक्स हैवन में जमा करीब 480 अरब रुपए का लेखा जोखा दिया है। कालेधन पर बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले की आगे की जांच कर रही है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस एमबी शाह और जस्टिस ए पसायत की अगुवाई में इस एसआईटी का गठन किया गया है।
उच्चपदस्त सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाकात के दौरान भारत ने कालेधन पर अमेरिकी एजेंसियों की मदद मांगी थी।
माना जा रहा है कि जानकारी साझा करने में कंजूसी दिखा रहे एफबीआई ने मोदी की हाल की अमेरिका यात्रा को बाद इस मामले में संजीदगी दिखाई है।
2011 में हुआ था हसन अली का पर्दाफाश
गौरतलब है कि 2011 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान पुणे के घोड़ा व्यापारी और कथित हवाला डीलर हसन अली मनी लाउंड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।
भारतीय वित्तीय एजेंसियों ने स्वीस बैंक से इसके धन का ब्यौरा लेने की नाकाम कोशिश की थी। बाद में पता चला कि एजेसियों को सक्रिय होने से पहले ही अली स्वीस बैंक से सारा धन निकालकर दूसरे छोटे देशों में बने टैक्स हैवन में जमा करवा चुका था।
आयकर विभाग ने अली पर 1.16 लाख करोड़ का जुर्माना ठोक दिया। लेकिन शुरुआती शोर शराबे के बाद मामला ठंडा पड़ गया। 2014 आम चुनाव के आते आते यूपीए सरकार के सुर बदल गए।
सरकार ने कहना शुरु कर दिया कि अली के आपराधिक मामले का ठोस आधार नहीं बन पा रहा है। इस बीच अली को जमानत भी मिल गई। लेकिन अब कालेधन पर मोदी सरकार की कोशिशों के तहत एफबीआई ने अली के बारे में अहम जानकारी दी है।
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी को इस मनी ट्रेल में कालेधन के कई और सिरे का पता लग सकता है।