AMU मेडिकल प्रवेश फर्जीवाड़ा, जेल गए पिता-पुत्री
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया में काउंसलिंग के दौरान फर्जीवाड़े की कोशिश में पकड़े गए श्रीनगर के पिता-पुत्री को तो पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया।
मगर अब तक की पुलिस जांच में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस छात्रा को कैसे पता चला कि केरल की छात्रा ने जेएन मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने नहीं आ रही है। उसने कहीं और प्रवेश ले लिया है। यह जरूर अंदरखाने की सेटिंग है।
चर्चा है कि बस इस सेटिंग पर पर्दा डालने के लिए सिर्फ पिता-पुत्री को ही बली का बकरा बना दिया गया है, जबकि पुलिस ने इस दिशा में बारीकी से जांच तेज कर दी है।
केरल की अभ्यर्थी के बारे में छात्रा को कैसे पता?
बुधवार को काउंसलिंग के लिए आई श्रीनगर निवासी उमइया मंजूर और उसके पिता मंजूर अहमद तुरे निवासीगण बोगाम सोफियां जम्मू कश्मीर को काउंसलिंग के दौरान फोटो मिलान न होने पर संदिग्ध मानते हुए पकड़ा गया था।
कई घंटे तक प्रॉक्टर कार्यालय में पूछताछ के दौरान खुद छात्रा ने बार-बार यह सवाल उठाया था कि उसे कैसे पता चला कि केरल की अमरुथा स्टीफन का पद रिक्त है। उसने किसी अन्य कॉलेज में प्रवेश ले लिया है। मगर इस सवाल को बार-बार प्रॉक्टर कार्यालय से यही कहा जाता रहा कि उन्होंने ऑनलाइन जानकारी कर प्रवेश पत्र पर टैंपरिंग करके यह गोलमाल किया है।
इधर, तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पिता-पुत्री को बृहस्पतिवार को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इधर, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। यह भी जांच में बड़ा सवाल है कि आखिर छात्रा को यह जानकारी कैसे हुई कि केरल की छात्रा जेएन मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए नहीं आ रही। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।