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पिता के शव को साक्षी मानकर बेटे ने की शादी

Thu, 29 Nov 2012 12:03 PM IST
मऊ/ब्यूरो
मऊ/ब्यूरो Updated Thu, 29 Nov 2012 12:03 PM IST
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father body as witnesses son gets married

वैसे तो शादी के सात फेरे परिवारवालों की मौजूदगी में अग्नि के लिए जाते हैं, लेकिन एक बेटा अपनी पिता की अंतिम इच्छा की पूर्ति के लिए ऐसा भी कर जाएगा किसी ने सोचा भी नही था। चिता को अग्नि देने से पूर्व बेटे ने पिता के शव को ही साक्षी मानकर अपनी शादी रचा डाली।

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भूमि पर पिता का शव पड़ा था और उसे ही साक्षी मानकर वर-वधू ने सात फेरे लिए। उत्तर प्रदेश के मऊ जिला स्थित गांव महुआर बसगितिया निवासी महेंद्र और उसकी जीवन संगिनी सुनैना ने शादी का जो तरीका अपनाया, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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लखनऊ विकास प्राधिकरण की सेवा से अवकाश ग्रहण करने के बाद महुआर गांव निवासी भोला ने अपनी चार पुत्रियों का विवाह किया। तीन वर्ष पूर्व एक हादसे में घायल होने के बाद पूरी तरह से बिस्तर पकड़ चुके भोला को एकमात्र पुत्र के विवाह की चिंता थी। वह चाहते थे कि उनके जीते जी उसकी भी शादी हो जाए।
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रामकवल की पुत्री सुनैना से उनके बेटे की शादी तय भी हो गई। शादी की तारीख 20 जनवरी 2013 पड़ी। अभी भोला अपने सामने बेटे की शादी देखते कि इसके पूर्व ही उनका निधन हो गया। महेंद्र ने ठान लिया कि पिता की चिता को आग लगाने के पूर्व उनकी अंतिम इच्छा पूरी करेगा। बात कन्या पक्ष तक पहुंची और वे भी तैयार हो गए।


फिर पास के संत रविदास मंदिर में सोमवार को ही दोनों ने भोला के शव को साक्षी मान एक-दूजे को जयमाला पहनाई व उसके सात फेरे लिए। इसके बाद महेंद्र ने पिता का अंतिम संस्कार किया।

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