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पिता, पुत्री को पुलिस ने न केवल की निर्मम पिटाई...

Fri, 02 Nov 2012 01:48 PM IST
सुल्तानपुर/ब्यूरो
सुल्तानपुर/ब्यूरो Updated Fri, 02 Nov 2012 01:48 PM IST
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cop assaults man for abducting daughter, puts behind bar

बेटी को बाइक पर बैठाकर घर जा रहे पिता की एसओ मोतिगरपुर ने न केवल निर्मम पिटाई की, बल्कि उस पर लड़की भगाने का आरोप मढ़ दिया। इस दौरान पिता-पुत्री दोनों अपने रिश्ते चिल्ला-चिल्लाकर बताते रहे, लेकिन एसओ ने उनकी एक न सुनी।

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पिता-पुत्री के रिश्ते से आश्वस्त होने के बाद भी एसओ का मन नहीं भरा तो उसने पिता का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। गुरुवार को जमानत कराने के बाद पीड़ित एसपी के सामने पेश हुआ और पूरी घटना से उन्हें अवगत कराया। वाकया उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का है।   
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खेमाजितपुर गांव निवासी हनुमान प्रसाद उपाध्याय क्षेत्र के शाहपुर लपटा गांव के पास मकान बनाकर सपरिवार रहते हैं। इन दिनों उनकी पुत्री अपने गांव खेमाजितपुर गई थी। बुधवार को वे अपनी बेटी को लाने के लिए गांव गए थे। वे बेटी को बाइक से लेकर बुधवार सुबह तकरीबन आठ बजे वापस लौट रहे थे।
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आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि एक युवक बाइक से लड़की भगाकर ले जा रहा है। सूचना पाते ही पुलिस ने रास्ते से ही हनुमान प्रसाद और उनकी बेटी को पकड़ लिया और थाने लेकर पहुंचे। पिता-पुत्री एसओ आरपी सिंह से लगातार अपने बीच का रिश्ता बताते रहे, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी।

एसओ पर आरोप है कि हनुमान प्रसाद को लॉकअप में डालकर पिटाई शुरू कर दी। हनुमान प्रसाद ने जब मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने को कहा तब एसओ ने फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल में सड़ा डालने की धमकी दी। पिता-पुत्री के रिश्ते से आश्वस्त होने के बाद एसओ ने हनुमान प्रसाद का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। गुरुवार को हनुमान प्रसाद अपनी जमानत कराकर सीधे एसपी अलंकृता सिंह के पास पहुंचे और उन्हें पूरी दास्तान सुनाई।

आरोप निराधार
एसओ मोतिगरपुर आरपी सिंह ने कहा कि उन्हें गंगा प्रसाद ने लड़की के अपहरण की सूचना दी थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था। बाद में सूचना गलत निकलने पर पुलिस ने हनुमान प्रसाद और गंगा प्रसाद का शांतिभंग की आशंका में चालान किया है। पिटाई की बात को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।


सीओ को सौंपी जांच
एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि आरोप गंभीर हैं। उन्होंने मामले की जांच सीओ को सौंपी है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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