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अपने प्यारे 3 बेटों की मौत मांगने कोर्ट पहुंचा पिता

Thu, 30 May 2013 12:46 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 30 May 2013 12:46 PM IST
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Father appeal mercy killing for kids

असम के अब्दुल रहीम के लिए यह आसान नहीं था कि वह अपने ही जान से प्यारे बच्चों की मौत मांगने कोर्ट के पास जाते। लेकिन वह इतना टूट चुके हैं कि आखिरकार उन्हें ऐसा करना पड़ा।

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रहीम ने अदालत से अपील की है कि खून की बीमारी थैलेसेमिया से जूझ रहे उनके तीन बच्चों को इच्छामृत्यु या मर्सी किलिंग की इजाजत दी जाय।

16 साल से अपने तीनों बेटों; सादिक (16 साल), सुहेल (14 साल) और मुहम्मद शमीम (9 साल) का इलाज कराते-कराते वह अपना सब कुछ गंवा चुके हैं।

35 साल पहले वह असम के नागौन जिले से मेघालय जूते का बिजनेस करने गए थे। शिलांग में उनके जूते की फैक्ट्री थी लेकिन बच्चों के इलाज का पैसा जुटाने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ बेच दिया।
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रहीम के बेटों को थैलेसेमिया नाम की बीमारी है जिसमें खून में लाल रक्त कोशिकाएं कमजोर और नष्ट होने लगती हैं।

डॉक्टर ने रहीम को कहा कि उनके बच्चों का इलाज क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर में हो सकता है जहां हर बच्चे पर 35 लाख का खर्च आएगा तभी वे ज्यादा दिनों तक जिंदा रह पाएंगे।
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इसके अलावा ब्लड ट्रांसफ्यूजन का विकल्प है जिसके बारे में रहीम का कहना है कि उनके पास हर महीने 45,000 रुपये खर्च करने के लिए पैसे नहीं हैं।

इसलिए मजबूर होकर वे कोर्ट की शरण में अपने बच्चों की मर्सी किलिंग की इजाजत मांगने गए हैं ताकि ट्रीटमेंट के अभाव में उनको मरने से पहले कष्ट न झेलनी पड़े।

असम थैलेसेमिया सोसायटी ने कुछ समय के लिए रहीम की बच्चों के इलाज के लिए आर्थिक मदद दी थी लेकिन अब वह भी बंद हो गई है।

उन्होंने अपने बेटों का आयुर्वेदिक, तिब्बती और अन्य तरीके का ट्रीटमेंट कराया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।

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