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सहारनपुर: ट्रेन से कटकर पिता-पुत्र की मौत

Sat, 04 Oct 2014 08:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 04 Oct 2014 08:23 AM IST
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father and son killed by train.

सहारनपुर में पेपर मिल रोड पर शुक्रवार की दुपहर 45 वर्षीय व्यक्ति ने तनाव के चलते ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली, जबकि बेटा उसे बचाने के प्रयास में ट्रेन की चपेट में आ गया। दोनों के शरीर के चिथड़े उड़ गए। खौफनाक मंजर को देख लोग सहम गए।

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सदर थानांतर्गत न्यू कपिल विहार निवासी राकेश कुमार अनेजा की खान मार्केट में मोबाइल की दुकान है। बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह करीब सवा 11 बजे राकेश अनेजा नाश्ता कर घर से निकल गए। परिजनों ने आसपास तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस पर उनकी पत्नी सीमा सदर थाने में पति की गुमशुदगी की सूचना देने पहुंची और उनका 18 वर्षीय बेटा नवीन अनेजा बाइक पर पिता को तलाश करने निकल गया।
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करीब आधा घंटा बाद नवीन तलाश करते हुए पेपर मिल रोड पर पहुंचा तो उसने पिता को रेलवे ट्रैक पर जाते देखा। नवीन शोर मचाता हुआ पिता को पकड़ने दौड़ पड़ा। इसी बीच दिल्ली की ओर से नौचंदी एक्सप्रेस भी आ गई। नवीन ने पिता राकेश को पकड़कर खींचने का प्रयास किया। खींचातानी के बीच ही नवीन भी पिता के साथ ट्रेन की चपेट में आ गया। दोनों के शरीर के चीथड़े उड़ गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि उन्होंने पहले समझा कि दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा है। घटना का पता चलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे।

परिजनों ने बताया कि राकेश पिछले तीन-चार दिन से कुछ तनाव में थे। भाई अनिल का कहना है कि राकेश कुछ दिन से बीमार से थे। उन्होंने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। इस बारे में परिजन कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थे।

अपनी जान देकर भी नहीं बचा पाया पिता की जान
नवीन ने आखिरी क्षणों तक पिता को ट्रेन से बचाने के लिए जद्दोजहद की, लेकिन अपनी जान देकर भी वो पिता की जान नहीं बचा पाया। नवीन इंटर का छात्र था। उसकी नजर जैसे ही रेलवे ट्रैक पर खड़े पिता पर पड़ी तो उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ा। उसने अपनी जान तक की चिंता नहीं की, लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था।


बेसुध हो गई पत्नी सीमा

पति और बेटे की मौत की खबर सुनते ही सीमा अपनी सुधबुध खो बैठी, जबकि राकेश की मां कृष्णावंती और भाई अनिल का रो रोकर बुरा हाल था। आस पड़ोस की महिलाएं सीमा और कृष्णावंती को संभालने का प्रयास कर रही थी। घर में मचे कोहराम को देख सभी की आंखें नम हो गईं और मोहल्ले में शोक छा गया। सभी की जुबान पर यहीं शब्द थे कि बहुत बुरा हुआ। भगवान ऐसा किसी के साथ न करे।

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