फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   farming information by sms

एसएमएस से मिलेगी खेती की जानकारी

Wed, 10 Sep 2014 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Wed, 10 Sep 2014 01:13 AM IST
विज्ञापन
farming information by sms

जिले के किसानों को अब कृषि संबंधी जानकारी पाने के लिए फोन घुमाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग अब एसएसएम के माध्यम से किसानों को उनके मोबाइल पर कृषि संबंधी जानकारी देने की स्कीम को लागू करने जा रहा है। यह स्कीम केंद्र सरकार की ओर से संचालित की जाएगी।

विज्ञापन


इसका संचालन बुधवार यानी आज से शुरू हो जाएगा। इस सुविधा के माध्यम से अब किसानों को जानकारी पाने के लिए विभाग के दफ्तर में धक्के खाने नहीं पड़ेंगे।  
विज्ञापन


ये होगी सुविधा
किसानों को मिलने वाले एसएमएस में केवल फसल संबंधी जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को यह सुविधा समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। किसान एसएसएम सुविधा के माध्यम से किसान अपनी समस्याओं का समाधान खुद कर लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


15,000 किसान होंगे लाभान्वित, डाटाबेस तैयार
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि घर बैठे ही किसानों को एसएमएस सुविधा देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके माध्यम से सर्वप्रथम 15,000 किसान लाभान्वित होंगे। जिसके बाद प्रत्येक ब्लॉक के सभी किसानों को यह सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। जिसके लिए विभाग द्वारा जिले के प्रमुख किसानों के नाम और उनके मोबाइल नंबरों का डाटाबेस तैयार कर लिया गया है।

एसएमएस के खर्चे का वहन करेगी सरकार
अधिकारियों के मुताबिक किसानों को भेजे जाने वाले एसएमएस पर आने वाले खर्च का वहन खुद केंद्र सरकार करेगी। इसके माध्यम से सरकार का मुख्य मकसद किसानों को समय-समय पर कृषि से संबंधित सूचना उपलब्ध कराना है। ताकि किसानों को होने वाली दिक्कत एसएमएस के माध्यम से काफी हद तक सुलझेगी।


जिले के हर क्षेत्र के किसानों को एसएमएस के जरिए जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें मौसम के पूर्वानुमान, फसल, दवाई, बीज, मत्स्य पालन, पशुपालन और बागवानी संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी। इस सुविधा के माध्यम से किसान काफी हद तक लाभ उठा सकेंगे।    
-डॉ. अनिल सहरावत, उप कृषि निदेशक, सोनीपत

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed