महाराष्ट्र के इस इलाके में हजामत नहीं बनवाते किसान, जानें क्यों?

अजय शर्मा/बीबीसी संवाददाता, महाराष्ट्र के लातूर से Updated Sun, 18 Oct 2015 03:39 PM IST
विज्ञापन
farmers does not make their Shave

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
लातूर के सोनावटी गांव के हज्जाम चंद्रकांत बाबू परेशान हैं। अब उनकी दुकान पर उतने किसान हजामत बनवाने नहीं आते जितने दो साल पहले आते थे।चंद्रकांत का धंधा आधा रह गया है। मराठवाडा के इस गांव में इस साल बारिश सामान्य से आधी हुई है।
विज्ञापन

सूखे के बावजूद इस साल लोगों ने गन्ना उगाने की कोशिश की ताकि वो पिछले साल के नुकसान की भरपाई कर सकें, मगर हो गया उल्टा। योगेंद्र यादव की संवेदना यात्रा के साथ जब मैं देर रात सोनावटी गांव पहुँचा तो देखा कि चंद्रकांत बाबू की दुकान खुली थी।
पूछा तो पता चला कि चंद्रकांत की दुकान में भी उतना ही सूखा है जितना पडोस के खेत में।वो मुझसे बोले, ''बारिश की वजह से काम नहीं रहा है अब। इनके (किसानों के) खेत में ही काम नहीं है, तो ये लोग कहां से दाढी बनवाने आएंगे।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

और कम होती जा रही है बारिश

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us