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अब खेती किसानी भी होगी डिजिटल, ऑनलाइन बिकेगा उत्पाद

Thu, 02 Jul 2015 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 02 Jul 2015 09:18 AM IST
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केंद्र सरकार ने बुधवार को ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार स्थापित करने समेत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को मंजूरी दे दी। सिंचाई सुविधा से जहां किसानों को अनाज उपजाने में सहूलियत होगी, वहीं वह अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकेगा।

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किसान अब सब्जी, अनाज और अन्य उत्पादों को ऑनलाइन बेचकर ज्यादा कमाई कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन सेटअप तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार के इस कदम से कॉमन नेशनल मार्केट में अब 500 मंडियां एक-दूसरे से जुड़ सकेंगी।
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दूसरी ओर सभी गांवों में सिंचाई की सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत इस साल 1000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में दोनों योजनाओं को मंजूरी दी गई।
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हर गांव में पहुंचेगी सिंचाई

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अब हर गांव में सिंचाई की सुविधा पहुंचाई जा सकेगी। इस योजना के तहत अलग-अलग तरीके से सिंचाई बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। जिला स्तर पर सिंचाई की योजना बनाने की पहल की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार कृषि उत्पादों के लिए कॉमन नेशनल मार्केट का हिस्सा बनने के लिए राज्यों को एपीएमसी एक्ट में संशोधन करना होगा।

इसके अलावा बैठक में प्याज की जमाखोरी पर जारी पाबंदी को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। गौरतलब है कि जुलाई को प्याज की जमाखोरी पर पाबंदी की निर्धारित अवधि खत्म हो रही है।

बनाई गई है नोडल एजेंसी

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14.2 करोड़ हेक्टेयर कृषि करने योग्य भूमि के 65 फीसदी हिस्से में अभी सिंचाई की सुविधा नहीं है। सिंचाई परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राज्यों के कृषि विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।


इसकी निगरानी की जिम्मेदारी केंद्र स्तर पर बनी कमेटी करेगी। सिंचाई परियोजना में केंद्र की हिस्सेदारी 75 फीसदी और राज्यों की 25 फीसदी होगी। हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों समेत पहाड़ी इलाकों में केंद्र की हिस्सेदारी 90 फीसदी होगी

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