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किसानों की नाराजगी दूर करेगी सरकार

Sat, 20 Oct 2012 08:47 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 20 Oct 2012 08:47 PM IST
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Farmers angry will end upa government

मंत्रियों के समूह (जीओएम) की स्वीकृति वाले भूमि अधिग्रहण बिल के मसौदे से नाराज किसानों को मनाने की सरकार ने कोशिश तेज कर दी है। शनिवार को ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि किसानों की मांगों पर विचार किया जाएगा।

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मसौदे में बदलाव संबंधी किसानों की मांगों से जीओएम अध्यक्ष शरद पवार को अवगत कराया जाएगा, लेकिन इस संबंध में अभी किसानों को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया है। उम्मीद है कि सरकार भूमि अधिग्रहण बिल के मसौदे को अंतिम रूप देते समय किसानों की मांगों का ध्यान रखेगी।
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जयराम के मुताबिक जीओएम की स्वीकृति वाले भूमि अधिग्रहण बिल में जमीन अधिग्रहण में दो तिहाई भू-स्वामियों की स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से किसान खासे नाराज हैं। किसानों का कहना है कि 80 फीसदी भू स्वामियों की मंजूरी के बगैर अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही किसानों की मांग है कि मसौदे में प्रभावित किसानों व उनके आश्रितों के पुनर्वास व पुनर्स्थापन के प्रावधान भी शामिल किए जाएं। साथ ही प्रभावित परिवार के किसी एक सदस्य के लिए योग्यता के आधार पर नौकरी की व्यवस्था भी की जाए।
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रमेश ने बताया कि किसानों को उनकी मांगों पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि मसौदे में बदलाव होगा या नहीं अभी स्पष्ट नहीं है। पर जिस तरह से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भूमि अधिग्रहण के लिए 80 फीसदी किसानों की मंजूरी की बात कही है, उससे उम्मीद है कि जीओएम मौजूदा मसौदे के प्रावधानों में बदलाव पर विचार कर सकता है।


जयराम के मुताबिक भूमि अधिग्रहण बिल को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इसके लिए भूमि संसाधन विभाग में मसौदे को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। अगले दो सप्ताह में ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

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