{"_id":"9b50f1d1916aab6fa8f5c77d23fd7cbe","slug":"farmer-suicide-in-bagpat-hindi-news-rk","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागपत: गन्ना किसान ने की आत्महत्या","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
बागपत: गन्ना किसान ने की आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 13 Sep 2014 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत में बड़ौत के ढिकाना गांव में कर्ज में डूबे गन्ना किसान ने बड़े भाई की लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर एसडीएम और सीओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। क्षुब्ध ग्रामीणों ने डीएम और एसपी को गांव में बुलाने की मांग की। अधिकारियों के तीन घंटे समझाने के बाद ग्रामीणों ने शव पुलिस को सौंपा। इस संबंध में मृतक के भाई ने आत्महत्या की तहरीर दी। पुलिस ने लाइसेंसी राइफल भी कब्जे में ले ली।
विज्ञापन
मृतक किसान राहुल (32) पुत्र स्वर्गीय मांगेराम ढिकाना गांव का था। राहुल शनिवार की दोपहर खेत से घर आया। तब घर में उसकी पत्नी खाना बना रही थी। राहुल कमरे में गया। पहले उसने कपड़े निकाले। इसके बाद अलमारी में रखी बड़े भाई रूपेश की लाइसेंसी राइफल निकाली और राइफल की नाली सिर से सटाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर बाहर खाना बना रही उसकी पत्नी नीशू ने कमरे में जाकर देखा तो उसका पति लहूलुहान पड़ा था। उसने शोर मचाया तो ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
मृतक किसान के भाई रूपेश ने बताया वे पांच भाई हैं। इनमें राहुल दूसरे नंबर का है। इसके बाद विकास, अमित और अनुज हैं। सभी भाई एक साथ रहते हैं। इनके पास 32 बीघा जमीन है और मलकपुर मिल पर उनके गन्ने के तीन लाख रुपये बकाया हैं। उसकी छोटी बहन पारूल को कैंसर है। उसका तीन माह से दिल्ली में इलाज चल रहा है। बहन के इलाज के लिए बैंक, साहूकार और रिश्तेदारों का 15 लाख रुपये का कर्ज हो चुका है। मिल के गन्ना भुगतान न करने से वह काफी दुखी था, क्योंकि पारूल का दिल्ली में शनिवार को आपरेशन होना था और वे आपरेशन के लिए पैसे भी नहीं जुटा पा रहे थे। राहुल ने इसी को लेकर आत्महत्या की।
विज्ञापन
किसान के गांव ढिकाना में आत्महत्या करने की सूचना पर एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव, सीओ सीपी सिंह, कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक डीएम और एसपी मौके पर नहीं आएंगे और मिल अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज नहीं होगा वे राहुल का शव नहीं उठाने देंगे। तीन घंटे तक एसडीएम और सीओ की ग्रामीणों की बात चली।
बाद में ग्रामीणों ने उनके आश्वासन पर शव पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने लाइसेंसी राइफल भी कब्जे में ले ली। इस संबंध में मृतक के भाई रूपेश ने तहरीर दी कि उसका भाई राहुल आर्थिक तंगी से परेशान था। मलकपुर मिल पर उनका तीन लाख रुपये गन्ने का बकाया है। उसकी बहन का तीन माह से इलाज चल रहा है और वह काफी कर्ज बंद हो चुका था। इसको लेकर उसने आत्महत्या की है।
वीएम सिंह पहुंचेंगे किसान के गांव
किसान नेता वीएम सिंह ने बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के गांव ढ़िकाना में किसान राहुल की आत्महत्या के लिए गन्ना भुगतान की बदतर व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। वीएम सिंह आज किसान के गांव पहुंच कर परिवार को सांत्वना देंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जान न दें बल्कि अपनी लड़ाई को मजबूती से लड़ें।