आप का ड्रामा थी किसान की आत्महत्या: संघ
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दिल्ली में किसान गजेंद्र सिंह की आत्महत्या को आम आदमी पार्टी (आप) के ड्रामे का हिस्सा करार दिया है, जो एक त्रासदी में बदल गई। इसके साथ ही संघ ने आप को सलाह दी है कि वह भविष्य में इस घटना से सबक सीखे।
अपने मुखपत्र ऑर्गनाइजर में संघ ने कहा है कि हाल में आप की किसान रैली में राजनीति को सबसे निचले स्तर तक गिरा दिया गया। आप को ऐसी गंदी राजनीति छोड़ देनी चाहिए।
आप के ‘पार्टी विद ए डिफरेंट’ के दावे को चुनौती देते हुए मुखपत्र में कहा गया है कि उसने भारतीय राजनीति में मनोरंजन का एक पुट जोड़ा है, जो अनूठा है। वे किसान आत्महत्या के नाम पर ड्रामा करने की हद तक चले गए।
कहा, आप ने राजनीति को निचले स्तर तक गिराया
इसमें इंदिरा गांधी के ‘गरीबी हटाओ’ और नरेंद्र मोदी के ‘अच्छे दिन’ जैसे नारों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि ऐसे आकर्षक शब्द आम मतदाताओं के मन को छूते हैं। लेकिन, आम आदमी पार्टी ने किसान रैली के नाम पर जो किया वह राजनीति के न्यूनतम स्तर को छूना था।
केंद्र को शर्मिंदा करने की कोशिश में आप ने एक ड्रामा रचा जो त्रासदी में बदल गई। चुनावी राजनीति में उसने हमेशा तिकड़मों का इस्तेमाल किया। उसने मीडिया के जरिए जनता का ध्यान खींचने के प्रयास में कुछ तथाकथित किसानों को आत्महत्या का नाटक करने के लिए उकसाया और इस गंदी राजनीति में एक आदमी की सचमुच में जान चली गई। इस राजनीति का पूरी तरह त्याग किया जाना चाहिए।
आप ने किया पलटवार, गंदी राजनीति कर रहा संघ
आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी का बयान संघ के मुख पत्र में प्रकाशित उस लेख पर आया है, जिसमें जंतर मंतर की किसान की खुदकुशी पर आप और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंदी राजनीति करने की बात कही गई है।
‘आप’ नेता संजय सिंह ने कहा कि संघ की रुचि आलोचना करने पर है। वे अपना काम करें, हमें अपना काम करने दें। वहीं, वरिष्ठ नेता इलियास आजमी का कहना है कि आप नहीं, संघ गंदी राजनीति कर रहा है। विरोधी दल इस घटना के बाद ‘आप’ को बदनाम करने की कोशिशों में लगे हुए हैं।
बता दें कि संघ के मुखपत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ के संपादकीय में शीर्षक ‘आप: क्या, यह अलग है?’ नाम से एक लेख छपा है। इसमें संघ ने आरोप लगाया कि ‘आप’ नेतृत्व ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए एक किसान को आत्महत्या के लिए उकसाया है। यह निचले स्तर की राजनीति है, जो बाद में बड़ी घटना के रूप में बदल गई।