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कर्ज से परेशान 'मुलायम सिंह यादव' ने ट्रेन के आगे कूद कर दी जान

Sat, 07 Nov 2015 04:56 AM IST
Updated Sat, 07 Nov 2015 04:56 AM IST
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farmer mulayam singh yadav commit suicide

बुंदेलखंड में सूखे से फसल बर्बाद होने और कर्ज से तंग आकर तीन किसानों ने जान दे दी। इनमें एक किसान ने झांसी जिले में ट्रेन के आगे कूदकर जबकि बांदा में जहर खाकर और महोबा में फांसी लगाकर एक-एक किसान ने आत्महत्या कर ली। इससे पहले 27 किसानों की फसल बर्बादी और कर्ज के कारण मौत हो चुकी हैं।

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झांसी जनपद के चिरगांव थानांतर्गत गांव नंदखास के पास रेलवे ट्रैक पर गांव सिया निवासी मुलायम सिंह यादव (55) पुत्र बैजनाथ ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। उसके परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि मुलायम सिंह खेती बाड़ी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसने किसान क्रेडिट कार्ड पर दो लाख रुपये का ऋण ले रखा था।
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ट्रैक्टर भी ऋण पर लिया गया था। उसे उम्मीद थी कि अच्छी फसल होने पर वह अपना ऋण चुकता कर देगा। मगर रबी के बाद अब खरीफ की भी फसल नष्ट होने से उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। ऋण और उसपर तेजी से ब्याज बढ़ने से वह काफी परेशान रहने लगा। इसके चलते बृहस्पतिवार की शाम को वह अपने घर से खेत पर काम करने की कहकर निकला और देर तक नहीं लौटा।
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शुक्रवार की सुबह परिजनों को सूचना मिली कि रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़ा मिला है, जिसको जाकर देखने पर उन्होंने मुलायम सिंह की नंदखास से गुजर रहे रेलवे ट्रैक पर शिनाख्त की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि फसल बर्बाद होने के बाद वह अपने पर कर्ज को लेकर काफी दुखी था। इसी वजह से उसने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उसके पुत्र ग्राम सिया निवासी पृथ्वी सिंह यादव को सौंप दिया है।

घर में जहर खा लिया

farmer mulayam singh yadav commit suicide

बांदा के गांव खप्टिहा कलां के सुरेश कुमार सिंह (37) पुत्र रामस्वरूप सिंह ने गत दिवस घर में जहर खा लिया। तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किए गए किसान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कानपुर में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सुरेश के नाम 22 बीघे जमीन है। उसकी रबी की फसल पूरी तरह चौपट हो गई। सूखा पड़ने से वह खरीफ की बुवाई नहीं कर पाया।

सुरेश सिंह पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा का साढ़े तीन लाख रुपये कर्ज था। इसके अलावा पिता के नाम स्टेट बैंक की बांदा शाखा से लिया 50 हजार रुपये का भी कर्ज था। कर्ज ब्याज समेत बढ़कर दोगुना हो गया था। लगातार तीन साल से फसलें चौपट होने से वह पांच लाख का कर्ज अदा नहीं कर पा रहा था।

एसडीएम पैलानी रामबहादुर पटेल ने बताया कि घटना की जांच कराई जाएगी। महोबा में कबरई थाना क्षेत्र के कौहारी गांव के किसान लल्लू अनुरागी (55) चार एकड़ जमीन  में खेती करके परिवार पाल रहा था। किसान, यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक का 50 हजार रुपये और साहूकारों का 50 हजार रुपये का कर्ज अदा न कर पाने से परेशान था।

साहूकारों ने उस पर कर्ज अदायगी का दबाव बनाया। बुधवार सुबह लल्लू अनुरागी खेत देखने गया। खेतों में नमी न होने से जुताई बुवाई की उम्मीद न देख उसने खेत में लगे बबूल के पेड़ पर फांसी लगा ली। एसडीएम सदर एसपी सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।

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