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बर्बाद फसल देख किसान ने खेत में लगाई फांसी

Tue, 31 Mar 2015 03:26 PM IST
Updated Tue, 31 Mar 2015 03:26 PM IST
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farmer Hanging in a field looking damage crop

बाजना के गांव बादौठ निवासी किसान विशन सिंह (40) बर्बाद गेहूं की फसल देख कर सदमे में आ गए। उन्होंने खेत पर ही पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। रविवार शाम की इस घटना के बाद किसान के घर में कोहराम मचा है।

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मृतक के भाई श्यौराज सिंह ने बताया कि विशन सिंह का खेत पांच साल पहले 1.50 लाख रुपये में गिरवी रखा था। इस बार उसे छुड़ाने के लिए उसने रकम अदा करने का वादा किया था, लेकिन प्रकृति की मार ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि विशन सिंह ने दस बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी।
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मार्च माह में दो बार बरसात और तेज हवा चलके के कारण फसल जमीन पर बिछ गई थी। रविवार को फिर से हुई बरसात ने रही-सही फसल भी बर्बाद कर दी।

बिलख रहे पत्नी और बच्चे

farmer Hanging in a field looking damage crop
विशन रविवार देर शाम खेत पर फसल देखने गए थे और वहां ट्यूबवेल के पास लगे पेड़ पर फांसी लगा ली। लोगों ने जब उन्हें फांसी पर लटका देखा तो इसकी सूचना परिवारीजनों को दी।

विशन सिंह के पांच बेटियां और दो बेटे हैं। पूरे परिवार की आय का जरिया एक मात्र खेती ही थी। बेटी राधा (24), सीमा (20), मधु (18) की शादी हो चुकी है, जबकि जती (16), मोहित (12), अमित (10), वर्षा (8) अभी पढ़ रहे हैं। पिता की मौत पर घर में कोहराम मचा है।

विशन सिंह की पत्नी दलबीरी का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में जो भी आ रहा है वो उससे बस एक ही बात पूछ रही हैं कि अब वो और उसका परिवार किसके सहारे जीएगा। विशन की मौत पर गांव में सन्नाटा पसरा है सभी की आंखें नम हैं।

मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखा रहे अफसर

farmer Hanging in a field looking damage crop

प्रकृति की मार से कराह रहे किसानों की मौत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संवेदनशील हैं। हाल ही में उन्होंने प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को आदेश दिया कि किसान की मौत पर वो स्वयं मौके पर जाएं और रिपोर्ट पेश करें, ताकि पीड़ित परिवार की मदद की जा सके। लेकिन जिले के अफसर मुख्यमंत्री के आदेश को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।

सदमे से जा चुकी है सात किसानों की जान
गांव भदाया निवासी विजय कुमार, सौंख खेड़ा के किसान रोशन सिंह, गांव हुसैनी के गोपाल, चौमुंहा निवासी किशन सिंह, मांट के कसेरा निवासी रामवीर सिंह, बाजना क्षेत्र के गांव महाराम गढ़ी के किसान रघुवीर सिंह और बादौठ के विशन सिंह।

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