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खेत जाकर किसान ने पकड़ लिया बिजली का तार, पूरे परिवार ने मांगी थी इच्छामृत्यु

Tue, 20 Oct 2015 01:35 PM IST
Updated Tue, 20 Oct 2015 01:35 PM IST
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farmer commtted suicide

मेरठ में भ्रष्ट तंत्र के कारण ढाई दशक से परेशान गांव याहियापुर निवासी किसान के बेटे ने आत्महत्या कर ली। किसान ने 1985 में ट्यूबवेल लगाने के लिए ऋण लिया था। समय पर ऋण अदा न होने पर किसान की जमीन नीलाम कर दी गई थी।

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इसके चलते किसान और उसके पूरे परिवार ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। किसान की मौत पर परिवार में कोहराम मचा है।

गांव याहियापुर निवासी किसान चंदन सिंह के बेटे गुरतार सिंह ने सोमवार को खेत में जाकर बिजली का तार पकड़ कर आत्महत्या कर ली। सूचना पर झिंझाना थाना और ऊन चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस ने गुरतार (26) के शव का पंचनामा भरना चाहा, लेकिन परिजनों ने विरोध कर पंचनामा नहीं भरने दिया। इसके बाद एसडीएम ऊन रामअवतार गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान के परिजनों को समझाना चाहा, लेकिन कोई टस से मस नहीं हुआ।
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इस पर एसडीएम भी लौट आए। एसडीएम ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कहा कि कल भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के आने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

10 के बदले 60 हजार

farmer commtted suicide

गांव याहियापुर निवासी किसान चंदन सिंह ने वर्ष 1985 में ट्यूबवेल लगाने के लिए एसबीआई शामली से अपनी 21 बीघा जमीन बंधक रखकर 10 हजार रुपये का लोन लिया था।

कुछ किस्त जमा करने के बाद बैंक का 12 हजार रुपये बकाया था। इसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 10 हजार रुपये तक का किसानों का ऋण माफ करने की घोषणा की।

इसके बाद चंदन सिंह ने बैंक के 12 हजार रुपयों में से दो हजार रुपये जमा करा दिए। बाकि के दस हजार रुपये माफ कराने की बात कही गई। इसके बाद तहसील से उसके पास 60 हजार रुपये बकाया का नोटिस पहुंचा।

उस समय 60 हजार रुपये जमा न करने के कारण प्रशासन ने उसकी जमीन नीलाम कर दी। विरोध में चंदन सिंह ने 2013 में महामहिम राष्ट्रपति से परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग करने पर शासन-प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए, जिस पर किसान चंदन सिंह को उसकी जमीन वापस दिलाने का आश्वासन दिया गया। बाद में चंदन सिंह ने तहसील खर्च के 60 हजार रुपये भी जमा करा दिए, लेकिन आज तक उसे जमीन नहीं मिली।

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