फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   farm loan waiver a massive scam says bjp

कर्ज माफी में हुआ बड़ा घोटाला: भाजपा

Tue, 05 Mar 2013 09:33 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 05 Mar 2013 09:33 PM IST
विज्ञापन
farm loan waiver a massive scam says bjp

केंद्र सरकार की 2008 में शुरू कृषि ऋण माफी योजना को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की जांच में सामने आई गड़बड़ी पर सियासत गरमा गई है।

विज्ञापन


मंगलवार को संसद में रिपोर्ट पेश होने के बाद जहां भाजपा ने इसे यूपीए का एक और घोटाला बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

वहीं कांग्रेस ने कर्ज माफी पर कैग के सवालों को ही सिरे से खारिज कर दिया है।

कांग्रेस का कहना है कि यदि इस योजना से बड़े पैमाने पर किसान लाभांवित न हुए होते तो यूपीए लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं आता।

कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कृषि माफी योजना में 10 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है।

लाभ से वंचित किसानों की पैरोकारी करते हुए कहा कि ऐसे पात्र किसानों का 31 मार्च, 2013 तक का बकाया कर्ज भी तत्काल माफ किया जाना चाहिए। जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। सरकार को इस मामले में सभी 3.5 करोड़ खातों की जांच सीबीआई से करानी चाहिए।
विज्ञापन


कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना पर पेश अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि नौ राज्यों में लेखा परीक्षा जांच में 9334 खातों में से 1257 (13.46) फीसदी खाते वे थे, जिन्हें योजना से वंचित रखा गया जबकि वास्तविक रूप से यह सभी योजना के तहत लाभ के हकदार थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जावडेकर ने कहा कि कैग ने 3.5 करोड़ खातों में से केवल 90000 की ही पड़ताल की है। सभी खातों की जांच में और अधिक अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है।

अब किसानों को कर्ज माफी योजना में घोटाला सामने आया है। जिसमें ऐसे लोगों को कर्जमाफी दी गई। जो वास्तव में किसान थे ही नहीं और यदि वे किसान थे भी तो बड़े और धनाड्य की श्रेणी में थे।

इसमें उन छोटे किसानों को लाभ नहीं दिया गया, जिन्हें बैंक से संस्थागत कर्ज नहीं मिला और जो साहूकारों पर निर्भर रहे। ऐसे छोटे किसानों को 1997 के बाद से लाभ दिया जाना चाहिए।


जावडेकर ने कहा कि दूसरी तरफ कुछ ऐसे माइक्रो फाइनेंस संस्थानों को लाभ दिया जाना चौंकाने वाला है क्योंकि वे इसके हकदार नहीं थे। वहीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

असल में चुनौती यह है कि कैग ने जो सवाल खड़े किए हैं वे ही विरोधाभासी हैं क्योंकि यदि इस तरह की गड़बड़ी होती तो किसानों को इसका फायदा नहीं मिलता और यूपीए सरकार दुबारा सत्ता में नहीं आती।

अंबिका ने कैग के सवाल उठाने के बिंदुओं को विचित्र करार देते हुए कहा कि वास्तव में इस योजना का कर्ज में डूबे लाखों गरीब किसानों को फायदा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed