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'फर्जी' सोसाइटी पर SC ने ठोंका 5 करोड़ का जुर्माना

Sat, 27 Dec 2014 01:34 AM IST
शशांक मिश्र/अमर उजाला, सहारनपुर
शशांक मिश्र/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 27 Dec 2014 01:34 AM IST
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fake society sentenced to pay five crores.

सहारनपुर के रायवाला स्थित एक सोसाइटी को सर्वोच्च न्यायालय ने फर्जी करार दिया है। इसमें वादी को पांच करोड़ रुपये बतौर मुआवजा देने का भी आदेश किया है। इस पूरे मामले में मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी, एसडीए वीसी और रजिस्ट्रार को आदेश को अमल में लाने को कहा गया है। रजिस्ट्रार को तत्काल इस सोसाइटी को अपंजीकृत करने और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को निर्माण कार्य रोकने, संपत्ति पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के सरकारी दफ्तरों में पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है।

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रायवाला के शास्त्री मार्केट में एक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले में कमलेश पत्नी शिवराज ने राज्य सरकार के खिलाफ सर्वोच्च

न्यायालय में वाद दायर किया। रायवाला में स्थित हरनाम दास लोटिया मंदिर की जमीन के अधिकार को लेकर सोसाइटी और एक परिवार में विवाद है। खसरा नंबर

669, खेवट नंबर 576 पर बनी दुकानें और अन्य प्लाट की देखरेख अब तक श्री मंदिर हरनाम दास लोटिया सोसाइटी करती है। सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार

के खिलाफ दायर वाद में फैसला कमलेश के पक्ष में आया है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय ने श्री मंदिर हरनाम दास लोटिया सोसाइटी को फर्जी करार दिया है।

सहायक रजिस्ट्रार को इस सोसाइटी को अंपजीकृत करने का आदेश दिया है। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को आदेश दिया गया है कि वहां होने वाले निर्माण को रोक दिया जाए। इसके अलावा संपत्ति पर कब्जा दिलाने को भी कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने वादी कमलेश पत्नी शिवराज को जमीन के बेसिक स्ट्रक्चर को हटाने, संपत्ति के उपयोग, चोट, घाटा, और मानसिक परेशानियों के चलते पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने का भी फैसला किया गया है। इसमें आदेश को अमल में लाने को मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी, एसडीए वीसी, रजिस्ट्रार सोसाइटी को कहा गया है।

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यह है पूरा मामला

fake society sentenced to pay five crores.

रायवाला में हरनाम दास लोटिया मंदिर (बालाजी मंदिर) है। मंदिर की करोड़ों रुपये की संपत्ति के देखभाल श्री मंदिर हरनाम दास लोटिया सोसाइटी करती है। कुछ साल पहले इस मंदिर और संपत्ति पर अधिकार को लेकर कमलेश पत्नी शिवराज ने वाद किया। निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक मामला चला। सर्वोच्च न्यायालय में वादी ने सोसायटी को पार्टी बनाने की बजाय प्रदेश सरकार के खिलाफ मुकदमा किया।

वर्तमान में किराए पर हैं दुकानें
मंदिर की संपत्ति में बनी पांच दर्जन से ज्यादा दुकानें किराए पर हैं। इन दुकानों में व्यापारियों ने गोदाम आदि बना रखा है। हालांकि अब तक सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भनक यहां तक नहीं पहुंची है। मगर, माना जा रहा है कि इस आदेश के बाद बाजार में उथल-पुथल मच जाएगा।

सोसाइटी रजिस्ट्रार अशोक सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे कार्यालय में वादी ने दिया है। इसमें सोसाइटी को अपंजीकृत करने के निर्देश न्यायालय से मिले हैं। इस आदेश को अमल में लाने की कवायद शुरू हो गई है। सोसाइटी को नोटिस देकर उसका पंजीकरण रद्द किया जाएगा।

श्री मंदिर हरनाम दास लोटिया सोसाइटी मंत्री प्रवीण कुमार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी भी वाद में हम पार्टी नहीं है। हमारे पास अब तक न तो आदेश की कापी है और न ही कोई नोटिस। हम हाईकोर्ट तक मुकदमा जीते हैं। कमलेश ने हमें पार्टी ही बनाया है। हम सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। सोसाइटी 100 साल से ज्यादा पुरानी है। सच को आंच नहीं है।

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