खुलासा: फर्जी डिग्री के दम पर पढ़ा रहे हैं 12 शिक्षक
आगरा के डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएड की फर्जी मार्कशीट के रैकेट के खुलासे की चपेट में हाथरस के भी 12 शिक्षक आ गए हैं। इन शिक्षकों पर आरोप है कि इन्होंने साल 2004- 05 में बीएड की फर्जी डिग्री से ही बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी पा ली।
जालसाजी के इस रैकेट की जांच कर रही एसआईटी ने अब इन 12 शिक्षकों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं और उनसे जवाब मांगा है। अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो एसआईटी उनकी गिरफ्तारी भी कर सकती है। इन शिक्षकों ने खुद को किसी प्रकार कार्रवाई से बचाने के लिए भागदौड़ भी शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल इनको विभाग से कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004-05 में भर्ती बीएड डिग्री प्राप्त कर बेसिक शिक्षा विभाग में बडे़ पैमाने पर लोगों ने नौकरी हासिल की है। शिक्षक बने इन फर्जी बीएड डिग्रीधारियों में से हाथरस में भी 12 अभ्यर्थी शिक्षक की नौकरी पाने में कामयाब हो चुके हैं।
गिरफ्तारी के वारंट जारी होंगे
मामले की जांच कर रहे एसआईटी के अधिकारियों द्वारा इन शिक्षकों को नोटिस
जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके बाद कुछ शिक्षकों ने तो रिकॉर्ड को लेकर
अपना जवाब दाखिल कर दिया है, जबकि कुछ लगातार जवाब देने से बच रहे हैं,
जिससे एसआईटी के जांच अधिकारी अब इन शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए वारंट
जारी करने की तैयारी में लग गए हैं।
एसआईटी की जांच टीम ने विभाग से जो भी रिकॉर्ड मांगा था, वह पूरा उपलब्ध करा दिया गया है। भविष्य में जो भी आदेश प्राप्त होंगे, विधिवत रूप से कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने कहा है कि जो लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, वह निश्चित रूप से फर्जी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई तय है।