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इस वजह से वाराणसी से हार गए केजरीवाल

Wed, 21 May 2014 07:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 21 May 2014 07:57 PM IST
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factor behind kejriwal defeat

सड़क, गंगा, बुनकरी और सफाई से जुड़ी समस्याएं छह महीने में दूर नहीं हुईं या इस दिशा में सार्थक प्रयास नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी (आप) के लोग भाजपा सांसद नरेंद्र मोदी से जवाब मांगेंगे।

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आप की सोमवार को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में ये निर्णय लिया गया। यह भी तय किया गया कि पार्टी अपने स्थानीय घोषणा पत्र में शामिल मुद्दों पर भाजपा को घेरेगी। लोकसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए संगठन को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा कहा गया है कि मोदी सरकार वायदे के तहत अगर 150 दिन के अंदर काला धन वापसी के लिए प्रयास नहीं करती है तो इस पर भी सवाल उठाया जाएगा।
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आप पदाधिकारियों की मानें तो लखनऊ की बैठक में प्रदेश भर के प्रत्याशी और लोकसभा संयोजक शामिल थे लेकिन फोकस वाराणसी संसदीय सीट पर रहा। वाराणसी सीट से अरविंद केजरीवाल के दूसरे नंबर पर रहने का कारण एम 3 फैक्टर (मोदी, मीडिया, मनी लहर) बताया गया।

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यूपी में आप को मजबूत करने का आह्वान

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पार्टी ने इस बात पर संतोष जताया कि लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा जैसी स्थापित पार्टियों के बीच आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सशक्त दस्तक दी। इसे अच्छा अवसर बताते हुए पार्टी ने प्रदेश में जमीन मजबूत करने का आह्वान भी किया।

पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे बूथ और गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाएं। विभिन्न जिलों से आए प्रत्याशियों से कहा गया कि अगर छह महीने के भीतर वहां सांसद आप के स्थानीय घोषणापत्र के आधार पर कार्य नहीं कराते हैं तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता संघर्ष करने के लिए तैयार रहें। बैठक में चुनाव के दौरान प्रत्याशी और पदाधिकारियों की कमजोरियां भी गिनाई गईं।

वाराणसी सीट के ग्रामीण क्षेत्रों से आप को मिले कम वोटों पर ध्यान दिलाया गया और संगठन को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। आप के मीडिया प्रभारी रामानंद राय ने बताया कि जल्द ही एक बैठक होगी जिसमें दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए रणनीति तय की जाएगी। बैठक में पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह भी शामिल थे।

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