तिरंगे के सहारे अपना कारोबार बढ़ा रहे थे जकरबर्ग, खुली पोल
जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फेसबुक के हेडक्वार्टर पहुंचने वाले थे, उसके कुछ घंटे पहले से ही फेसबुक पर मौजूद लोगों की प्रोफाइल पिक्चर तिरंगे में तब्दील होने लगी।
जिसकी शुरुआत फेसबुक को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने की, उसके ठीक बाद सोशल मीडिया पर मौजूद भारतीयों ने अपने फोटो को Created using fb.com/supportdigitalindia पर क्लिक कर के बदलने लगे।
मार्क का कहना था कि यह लिंक पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया कैंपेन के समर्थन में है। इसलिए उन्होंने अपनी भी तस्वीर बदली। इसकी शुरुआत के साथ ही इन्टरनेट पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
शुरू हुई चर्चा
इसकी शुरुआत के साथ ही इन्टरनेट पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों का कहना था कि जकरबर्ग इस लिंक का प्रयोग चोरी से अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट internet.org के लिए कर रहे हैं।
हफिंगटन पोस्ट के मुताबिक जब फोटो चेंज करने वाली यह लिंक वायरल हो गई तो किसी ने ध्यान दिया कि जब इस लिंक के माध्यम से तस्वीर बदली जाती है तो इसके नीचे आने वाली html कोड में internetorg भी लिख कर आ रहा था।
रेडिट पर कुछ लोगों ने पोस्ट किया कि जो लोग अपनी प्रोफाइल फोटो इस लिंक पर क्लिक करके बदल रहे हैं, उस पर आ रहे सारे क्लिक्स internetorg के समर्थन में जा रहे हैं।
ये है प्रोजेक्ट
बताते चलें कि internet.org फेसबुक का प्रोजेक्ट हैं जिसका बीते दिनों भारी विरोध यह बताते हुए किया गया था कि यह नेट न्यूट्रिऐलिटी के सिद्धांत का उल्लंघन कर रहा है, जिस पर भी फेसबुक की सफाई आई थी।
वहीं फेसबुक का कहना है कि अपने internet.org प्रोजेक्ट के तहत वो सुदूर इलाकों में भी लोगों को मुफ्त में इंटरनेट की सेवा पहुंचाना चाहता है।
इस संबंध मे आलोचको का कहना है कि फेसबुक के इस कदम से लोगो में यह समझ बन जाएगी कि इंटरनेट का मतलब सिर्फ फेसबुक ही है।
दी सफाई
इस मामले में फेसबुक प्रवक्ता का कहना है कि तिरंगे वाली प्रोफाइल फोटो का संबंध internet.org से नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह एक गलती है जिसमें inetrnet.orgprofilepicture नाम से फोटो डाली गई जिसकी वजह से यह कोड आ गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोड वो बदल रहे हैं, ताकि कोई भ्रम की स्थित न पैदा हो।
बताते चलें कि बीते रविवार पीएम मोदी फेसबुक क्वेश्चन एंड एंसर सेशन के लिए फेसबुक के हेडक्वार्टर गए थे।