नेत्र शिविर में गई 14 लोगों के आंख की रोशनी
पंजाब और हरियाणा के नेत्र शिविर में लोगों के आंखों की रोशनी जाने की घटना के बाद महाराष्ट्र में भी ऐसा ही एक वाकया सामने आया है। महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक नेत्र शिविर में 14 लोगों के आंखों की रोशनी चली गई।
इसके लिए ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों द्वारा बरती गई लापरवाही कारण बताई जा रही है। इसके अलावा 19 अन्य लोगों की दृष्टि बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव रामचंद्र जाधव ने बताया कि वाशिम में आयोजित मोतियाबिंद जांच शिविर में ऑपरेशन में गड़बड़ी होने की सूचना 31 अक्टूबर को मिली थी जबकि इस जांच शिविर का आयोजन 15 अक्टूबर को हुआ था।
इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की और वाशिम एवं अकोला से 22 मरीजों को मुंबई लाकर जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल में विश्वस्तरीय नेत्र सर्जन और नेत्र विशेषज्ञों की निगरानी में उनके आंखों की रोशनी वापस लाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
नेत्र शिविर में गड़बड़ी के मद्देनजर मरीजों का ऑपरेशन करने वाले वाशिम की सिविल सर्जन ड़ॉ. सुरेखा मुढ़े और नेत्र विशेषत्र डॉ. प्रशांत चव्हाण को निलंबित कर दिया गया है।
ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने बरती लापरवाही
इसके अलावा अकोला चिकित्सकीय महाविद्यालय के एक डॉक्टर के निलंबन की सिफारिश की गई है। जेजे अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ।टीपी लहाने आंख के प्रसिद्ध डॉक्टर हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में करीब 23 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिसमें से अब तक केवल तीन लोगों की ही आंखों की रोशनी वापस आ सकी है।
वहीं, विशेषज्ञों ने संदेह जताया है कि अशुद्ध सर्जिकल गियर का उपयोग करने से लोगों के आंखों की रोशनी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले में जांच शुरू कर दी है।