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सरकार की पहुंच से अभी दूर ही रहेंगे ललित मोदी

Fri, 03 Jul 2015 09:13 AM IST
हिमांशु मिश्रा /अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्रा /अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Jul 2015 09:13 AM IST
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extradition of lalit modi is not so easy

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को ब्रिटेन से भारत लाना इतना भी आसान नहीं है। मोदी से जुड़े विवाद पर स्थाई विराम लगाने के लिए भले ही सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है, मगर इसके लिए सरकार को लंबा इंतजार करना होगा।

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चूंकि ललित मोदी से जुड़ा मामला फिलहाल अदालत में लंबित होने केकारण सरकार उसके खिलाफ तत्काल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी नहीं कर सकती। इसके लिए सरकार को मामले की सुनवाई पूरी होने का इंतजार करना होगा।
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हालांकि प्रत्यर्पण की मांग को मजबूत बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने ललित मोदी के खिलाफ फेमा से जुड़े 16 मामलों में धनशोधन से भी जोड़ दिया है।

साल के अंत तक करना होगा इंतजार

extradition of lalit modi is not so easy

दरअसल ब्रिटेन में धन शोधन के मामले को बेहद गंभीर माना जाता है। सरकार का मानना है कि आईपीएल से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में धनशोधन को जोड़ने से रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद ललित मोदी के लिए अपना बचाव करना बेहद मुश्किल होगा।

हालांकि सरकार के ही सूत्र मानते हैं कि इस दिशा में कड़ी मशक्कत के बावजूद सरकार को कम से कम प्रत्यर्पण के लिए इस साल के अंत तक इंतजार करना होगा।

भाजपा के एक शीर्ष रणनीतिकार के मुताबिक भले ही सरकार ललित मोदी को देश में लाने और कानून का सामना कराने के बाद इस विवाद को ठंडा करना चाहती है।

सभी मामलों की सुनवाई जरूरी

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मगर यह काम इतना भी आसान नहीं है। उक्त नेता के मुताबिक फिलहाल मोदी के खिलाफ आईपीएल से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में फेमा के तहत 16 मामलों की सुनवाई चल रही है।

अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए ईडी ने पूरे मामले में धनशोधन को भी जोड़ दिया है। मगर जब तक अंतिम रूप से सभी मामलों की सुनवाई नहीं होती, तब तक मोदी को भारत लाने केलिए जरूरी रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं किया जा सकेगा।

हालांकि सरकार को प्रत्यर्पण में देरी का अंदाजा है। मगर मोदी केखिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाईयों के सहारे सरकार संदेश देना चाहती है कि भ्रष्टाचार के मामले में वह कोई समझौता नहीं करेगी। इसी आशय का संदेश देने के लिए सरकार मोदी का पासपोर्ट रद्द कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। इसी रणनीति के तहत इस मोर्चे पर ईडी अचानक कुछ ज्यादा ही सक्रिय हुआ है।

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