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उगाही मामलाः सुभाष चंद्रा के खिलाफ चार्जशीट दायर
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2013 12:20 AM IST
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पुलिस ने जिंदल पावर एंड स्टील लिमिटेड से कथित कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की आड़ में 100 करोड़ रुपये की उगाही के प्रयास मामले में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा, जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया और जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी को जांच में दोषी पाया है।
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पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है, जिस पर अदालत 19 अगस्त को संज्ञान लेगी। पुलिस ने इस मामले के अन्य आरोपी चेयरमैन के बेटे पुनीत गोयनका और भाई जवाहर गोयल को अभियुक्त बनाने के मुद्दे पर फैसला अदालत पर छोड़ दिया है।
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पुलिस ने पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अमित बंसल के समक्ष 70 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें पुलिस ने कहा है कि आरोपी चंद्रा, सुधीर व समीर के खिलाफ उगाही के लिए षड्यंत्र रचने व अन्य धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
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पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पुनीत और जवाहर गोयल के खिलाफ भी काफी साक्ष्य हैं और अन्य साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। पुलिस ने इन दोनों का नाम इसी आधार पर कॉलम नंबर 12 में रखा है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में समीर अहलूवालिया व सुधीर चौधरी की भूमिका प्रमुख रही है। चैनल के व्यावसायिक लाभ को देखते हुए सुभाष चंद्रा ने भी उनका पूरा साथ दिया।
इस मामले में इन तीनों के अलावा चैनल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी काफी संदिग्ध है। इन लोगों ने अपने कार्यालय में बैठकर जिंदल समूह की कंपनी को ब्लैकमेल करने और उसकी प्रतिष्ठा नष्ट करने के लिए षड्यंत्र रचा।
इन सभी की भूमिका की विस्तृत जांच जारी है। समीर और सुधीर को गिरफ्तारी के 20 दिन बाद अदालत ने 17 दिसंबर, 2012 में जमानत दे दी थी। वहीं चेयरमैन चंद्रा व उनके बेटे को अग्रिम जमानत मिल गई थी।
चैनल ने गलत स्टोरी चलाई
पुलिस ने कहा कि कथित कोयला घोटाला मामले में संसद में पेश सीएजी रिपोर्ट को जी न्यूज के लोगों ने बदलकर गलत तरीके से चैनल पर दिखाया, ताकि याची से उगाही की जा सके।
चैनल ने 7 से 13 सितंबर तक लगातार गलत स्टोरी चलाई थी। स्टिंग ऑपरेशन के ऑडियो व वीडियो से भी इस तथ्य का खुलासा हुआ है। हालांकि, जी न्यूज ने 100 करोड़ रुपये विज्ञापन के रूप में लेने का तर्क रखा, जिसे पुलिस ने खारिज कर दिया।
पुलिस के अनुसार, इस तथ्य की भी पुष्टि हो चुकी है कि समीर व सुधीर होटल हयात में शिकायतकर्ता जिंदल स्टील के निदेशक-एचआर राजीव भदौरिया से मिले और 100 करोड़ रुपये की मांग दोहराई।