EXCLUSIVE: अधूरा रह गया अटल का सपना, प्रभु ने की अनदेखी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के रेल ट्रैक भांडई-उदी रेल लाइन पर एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन का सपना अधूरा ही रहेगा। आगरा रेल मंडल की ओर से आगरा फोर्ट-बांदीकुई रेल लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था।
1100 करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव पर बजट में मुहर नहीं लग सकी है। अटल के नाम पर ट्रेन चलाने की मांग भी जनप्रतिनिधियों ने की थी, उसे भी अनदेखा किया गया। मोदी सरकार में अटल के सपनों के ट्रैक पर फिलहाल डेमू पैसेंजर ट्रेन ही दौड़ेगी।
पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी जन्मस्थली बटेश्वर में बीहड़ के बीच आगरा से इटावा तक ट्रेन परियोजना की आधारशिला 17 साल पूर्व रखी थी। मोदी सरकार ने पिछले साल अटल के जन्मदिन से एक दिन पहले 24 दिसंबर से भांडई-उदी रेल लाइन पर डेमू पैसेंजर गाड़ी का संचालन शुरू किया।
अटल के नाम से ट्रेन चलाने का प्रस्ताव
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इसे हरी झंडी दिखाई थी। ट्रेन आगरा कैंट, शमसाबाद, फतेहाबाद, बाह, पिनाहट, बटेश्वर, उदी होकर इटावा तक है। मंत्री ने कहा था कि इस रेल लाइन पर चार एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा।
इसके लिए इस रेल लाइन के दोहरीकरण का काम आवश्यक था। बटेश्वर के लोगों ने अटल के नाम पर ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी मंत्री को दिया था।
इसी के बाद मंडल रेल कार्यालय की ओर से आगरा फोर्ट-बांदीकुई रेल लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव इलाहाबाद स्थित मुख्यालय भेजा था। पीआरओ भूपिंदर ढिल्लन ने बताया कि प्रस्ताव भेजा गया था। इसके लिए बजट आवंटित नहीं हुआ है।