केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी के चेहरे बदलेंगे संख्या नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संसद के बजट सत्र से पहले संभावित मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तर प्रदेश की भागीदारी करीब-करीब जस की तस रहेगी, मगर कुछ चेहरे जरूर बदले जाएंगे। मिशन 2017 के मद्देनजर पार्टी और सरकार में शीर्ष स्तर पर इस सूबे की सभी प्रमुख जातियों की मंत्रिमंडल और संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने का फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है।
इस क्रम में मंत्रिमंडल में शामिल कुछ चेहरों को जहां संगठन में भेजने की तैयारी की जा रही है, वहीं सियासी रूप से पार्टी के लिए अहम जातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह देने पर मंथन हो रहा है। पार्टी की निगाह इस सूबे में दलित और ब्राह्मण मतदाताओं पर है।
ऐसे में इस बिरादरी से जुड़े मंत्रियों और नेताओं को सरकार और संगठन में तरक्की देने का मन बनाया जा रहा है। इस क्रम में अपना दल की अनुप्रिया पटेल की भूमिका बढ़ाने पर भी मंथन किया जा रहा है। पटेल को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।
दलित वोट बैंक में भी सेंध
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री रालोसपा कोटे के मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पर
अनुप्रिया को तरजीह दे सकते हैं। इस समय केंद्रीय मंत्रिमंडल में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 14 मंत्री इसी सूबे से हैं। इनमें 5
केंद्रीय मंत्री हैं। अमित शाह को बतौर अध्यक्ष एक पूर्ण कार्यकाल देने
पर सहमति बन जाने केबाद अब पार्टी और सरकार में संगठन की नई टीम और
मंत्रिमंडल विस्तार पर मंथन का सिलसिला जारी है।
शाह को संभवत: 23 जनवरी को
बतौर अध्यक्ष पूर्ण कार्यकाल देने की तैयारी चल रही है। इस क्रम में सबसे
अहम मंथन सियासी रूप से सबसे अहम सूबा उत्तर प्रदेश पर हो रहा है। चूंकि इस
सूबे में साल 2017 में विधानसभा चुनाव भी होना है, इसलिए मंत्रिमंडल
विस्तार और संगठन की नई टीम में इस सूबे की भूमिका पर खुद प्रधानमंत्री की
अगुवाई में मंथन हो रहा है।
यूपी विधानसभा चुनाव में पार्टी को अगड़ी
जातियों खासतौर से ब्राह्मण और लोध सहित कुछ अन्य पिछड़ी जातियों से
उम्मीदें हैं। पार्टी लोकसभा चुनाव की तरह दलित वोट बैंक में भी सेंध लगाना
चाहती है। ऐसे में इन जातियों को मंत्रिमंडल और संगठन में महत्वपूर्ण
भागीदारी सुनिश्चित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।