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36 नेताओं ने कर रखा है बंगलों पर अवैध कब्जा

Tue, 01 Oct 2013 12:53 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 01 Oct 2013 12:53 PM IST
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ex-ministers who illegal occupants of govt bungalows

सरकार चली जाए, मंत्रियों का पद चला जाए लेकिन पद का मोह नहीं जाता। यहां तक कि नेता पद पर रहते हुए मिले सरकारी बंगले तक को छोड़ने को तैयार नहीं।

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कांग्रेस, भाजपा, डीएमके, टीएमसी सभी दलों के कई बड़े नेता मंत्री पद से हटने के बाद भी मंत्री आवास में ही रहे हैं।

शहरी विकास मंत्रालय से आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के अनुसार 36 पूर्व केंद्रीय मंत्री अपने पद से हटने के बाद भी अनाधिकृत तौर पर मंत्री आवास में रहे हैं। इसमें लगभग हर दल के नेता शामिल हैं।
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एससी अग्रवाल ने आरटीआई दायर कर अवैध रूप से मंत्री आवास में रह रहे सांसदों की जानकारी मांगी थी।

कई बड़े नेताओं के नाम भी
शहरी विकास मंत्रालय के मुताबिक अनाधिकृत तौर पर रहने वाले मंत्रियों में कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, अंबिका सोनी, अजय माकन, सुबोधकांत सहाय, सैफुद्दीन सोज, सीपी जोशी, पवन बंसल, एसएम कृष्णा शामिल हैं।
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इस सूची में भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, एम वेंकैया नायडू, रविशंकर प्रसाद भी शामिल हैं। इसके अलावा डीएमके के दयानिधि मारन, एम के अलागिरी व टीआर बालू, राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह और तृणमूल कांग्रेस के सुगाता रॉय और सी एम जौटा के नाम भी हैं।


मंत्रालय के संपदा निदेशालय का कहना है कि सांसदों को आवास के आवंटन की जिम्मेदारी हाउस कमेटी (लोकसभा/राज्यसभा सचिवालय) की है। वर्तमान नियमों के मुताबिक पूर्व मंत्री जो अब भी सांसद हैं वो तब तक मंत्री आवास में रह सकते हैं जब तक उन्हें उनके पद के अनुसार आवास नहीं दिया जाता। यह काम हाउस कमेटी का है।

विभाग का कहना है कि उनकी ओर से पहले ही दोनों सचिवालयों से पूर्व मंत्रियों को उनके पद के अनुसार आवास आवंटन करने का आग्रह किया जा चुका है।

नेताओं के अलावा अवैध रूप से रहने वालों में पूर्व एनएसए विजया लाठा रेड्डी, बीएसएफ महानिदेशक यू के बंसल और यूपीएससी के पूर्व सदस्य प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल का भी नाम है।


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