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'जज की नियुक्ति पर हमारे ऊपर दबाव था'

Tue, 22 Jul 2014 05:26 PM IST
Updated Tue, 22 Jul 2014 05:26 PM IST
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ex law minister bhardwaj accept disputed appointment

सरकार बचाने के लिए भ्रष्ट जज को पदोन्नति देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू के आरोपों पर मचे बवाल के बीच पूर्व कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने माना है कि जज की नियुक्ति को लेकर द्रमुक का दबाव था।

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हालांकि उन्होंने दावा किया कि वह इस दबाव के आगे नहीं झुके। वहीं, इस मामले पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।

भारद्वाज ने माना कि जज की नियुक्ति को लेकर द्रमुक का दबाव था, लेकिन उन्होंने कहा कि जज के कार्यकाल विस्तार के बारे में फैसला नियमों के तहत लिया गया।

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'केंद्रीय मंत्री समेत 18 सांसद मेरे पास आए'

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भारद्वाज ने द्रमुक का नाम लिए बिना कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री समेत 18 सांसद मेरे पास आए थे। उनका कहना था कि अमुक जज पिछड़ जाति से आते हैं, इसीलिए उनके साथ अन्याय हो रहा है।

भारद्वाज ने कहा कि वे चाहते थे कि अतिरिक्त जज को स्थायी जज के तौर पर पदोन्नत कर दिया जाए, लेकिन मैंने उनसे कह दिया कि यह मामला मेरे हाथ में नहीं है, इस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश फैसला करते हैं।

भारद्वाज ने कहा कि हमने मुख्य न्यायाधीश को इस बारे में लिखा था। मुख्य न्यायाधीश ने जज को स्थायी जज के तौर पर पदोन्नत नहीं करने का फैसला किया। लेकिन जांच जारी रहने तक उनका कार्यकाल जारी रखा गया।

काटजू के आरोप पूरी तरह आधारहीन: बालकृष्णन

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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मार्कंडेय काटजू के लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से निराधार करार दिया है।

काटजू ने आरोप लगाया था कि बालकृष्णन और दो अन्य सीजेआई ने यूपीए शासनकाल के दौरान तमिलनाडु के एक जज को बनाए रखने के लिए अनुचित समझौते किए।

बालकृष्णन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू द्वारा इतने लंबे अंतराल के बाद इस मसले को उठाने पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि संबंधित जज जिनपर आरोप लगे हैं, वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्हें सेवा विस्तार मौजूदा प्रक्रिया के सख्त अनुपालन के तहत दिया गया था और यह काम किसी दबाव में नहीं किया गया।

पूर्व सीजेआई ने कहा कि काटजू के आरोपी पूरी तरह से आधारहीन हैं। यह तथ्यात्मक सही नहीं हैं। काटजू ने जिन दो अन्य पूर्व सीजेआई पर आरोप लगाया है, उनके नाम आरसी लाहोटी और वाईके सब्बरवाल हैं। इन दोनों ने काटजू के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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