चिदंबरम ने कहा, पिल्लई भी बराबर के जिम्मेदार
इशरत जहां मामले में पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा 2009 में इशरत जहां मामले में जो शपथ पत्र दाखिल किया गया था उसके लिए पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई भी बराबर के जिम्मेदार हैं।
कुछ दिन पहले ही जीके पिल्लई ने यह दावा किया था कि 2009 में हुए इशरत जहां मामले में चिंदबरम ने हस्तक्षेप करते हुए उसमें लश्कर के साथ इशरत के संबंधों को हटा दिया गया था। वहीं चिदंबरम ने दावा किया कि वह शपथ पत्र बिल्कुल सही था और बतौर पूर्व गृह मंत्री 'मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं।'
चिदंबरम ने कहा, 'बतौर मंत्री जब इशरत जहां का मामला मेरे संज्ञान में आया और मुझे पता चला कि जो रिपोर्ट फाइल की गई है वह संदेहास्पद और गुमराह करने वाली है। यह मेरा दायित्व है था कि मैं इस गलती को ठीक करूं। इसलिए हमने गृह सचिव, आईबी और अन्य अधिकारियों से बातचीत के बाद एक दूसरी रिपोर्ट फाइल की जिसमें मुख्य वजह के बारे में बताया गया था।'
पिल्लई ने किया था दावा
इशरत मामले की दूसरी रिपोर्ट पढ़ने के बाद चिदंबरम ने मीडिया के सामने कहा, 'शपथ पत्र का कौन सा हिस्सा गलत है? यह बिल्कुल सही है और बतौर मंत्री मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। यह निराश करने वाली बात है कि पूर्व गृह सचिव जो कि इस शपथ पत्र के लिए बराबर के जिम्मेदार थे अब इस मुद्दे से खुद को दूर रखना चाहते हैं।'
आपको बता दें कि पिल्लई ने यह भी दावा किया था कि शपथ पत्र में बदलाव के दौरान उनसे कोई चर्चा नहीं कि गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि चिदंबरम ने किसी अन्य अधिकारी से भी इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की थी।
उन्होंने कहा था, 'मंत्री ने यह खुद से किया। आपको मंत्री से यह पूछना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, क्योंकि हम में से किसी ने यह बदलाव नहीं किया।' पिल्लई ने कहा कि बिना किसी राजनयिक से बात किए ही मंत्री ने इस मामले में 'स्वतः संज्ञान लेते हुए इशरत के लश्कर के साथ संबंधों को रिपोर्ट से हटा दिया था।'