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अन्ना से मोदी तक, ये जनरल कुछ खास हैं
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 20 Sep 2013 07:10 PM IST
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बतौर सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने जितनी सुर्खियां बटोरी हैं, उतनी शायद किसी और सेना अध्यक्ष ने बटोरी होंगी। उनकी तरफ से बनाई गई सिक्रेट इंटेलिजेंस यूनिट के लिए उपलब्ध फंड के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर वे एक बार फिर चर्चा में हैं।
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उम्र विवाद को लेकर वे केंद्र सरकार के साथ दो-दो हाथ कर चुके हैं। वे खुद को 14 करोड़ की रिश्वत का ऑफर दिए जाने का आरोप भी लगा चुके हैं।
कहने को वे समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं, और राजनीति में आने से इनकार करते हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने रेवाड़ी में रिटायर्ड सैनिकों की रैली में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया।
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जनरल वीके सिंह के खिलाफ होगी कार्रवाई!
इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कुछ और ही चर्चा शुरू हो गई। नजर डालते हैं जनरल के विवादित सफर पर।
विवादों के सिंह
जनरल वीके सिंह की थल सेना अध्यक्ष पद पर नियुक्ति रूटीन फेरबदल जैसा था, लेकिन उम्र विवाद पर केंद्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पैर रखते ही वे सुर्खियों में आ गए।
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सेना के कागजातों के मुताबिक उनकी रिटायरमेंट 31 मई 2012 को होनी थी। इसके चंद महीने पहले ही उन्होंने इल्जाम लगाया कि सेना के रिकॉर्ड्स में उनकी जन्म-तिथि गलत दर्ज की गई, जिस कारण उनकी रिटायरमेंट की तारीख भी गलत है।
'मोदी के साथ दिखे इसलिए हुई जनरल पर कार्रवाई'
सेना के रिकार्डस में वीके सिंह की जन्मतिथि 10 मई 1950 दर्ज थी, जबकि उनका कहना था कि वास्तविक जन्मतिथि 10 मई 1951 है। हालांकि सेना में 42 साल उन्होंने वर्ष 1950 की जन्मतिथि के साथ ही काम किया और पदोन्नतियां भी ली थीं।
उन्होंने सरकार से अपनी सेवानिवृत की तारीख को एक साल और आगे बढ़ाने की मांग की। केंद्र ने उनकी मांग ठुकरा दी, नतीजतन वे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। हालांकि उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली।
सुप्रीम कोर्ट ने उम्र विवाद हस्तक्षेप नहीं किया और कहा, ‘वीके सिंह, सेना और रक्षा मंत्रालय के बीच जन्मतिथि के मुद्दे पर समझौता हो चुका है। इसे दोबारा उठाना वीके सिंह को शोभा नहीं देता।’
14 करोड़ की रिश्वत का आरोप
वीके सिंह ने पिछले साल खुद को 14 करोड़ की रिश्वत दिए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सिंह ने कहा कि सेना के एक सीनियर अफसर ने उन्हें टैट्रा ट्रक्स डील में 14 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की थी। मामले में वीके सिंह ने कि रक्षामंत्री एके एंटनी को भी घसीटा।
उन्होंने कहा कि इसकी सूचना रक्षा मंत्री एके एंटनी को भी दी गई लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। हलांकि रक्षा मंत्री ने इससे इनकार किया और कहा, ‘वीके सिंह ने उन्हें जब इस मामले की जानकारी दी तो उन्होंने इसकी लिखित सूचना मांगी थी लेकिन फिर उन्होंने इस बारे में कोई बात नहीं की।’
इस खुलासे के दो ही दिन बाद वीके सिंह का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखा एक पत्र भी सामने आया, जिसमें उन्होंने सेना में कमियों का जिक्र किया था।
अन्ना और जनरल का साथ
सेना से रिटायर होने के बाद वीके सिंह अन्ना हजारे से जुड़ गए। भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम चलाने के लिए अन्ना और वीके सिंह ने 30 जनवरी 2013 को पटना में रैली कर जनतंत्र मोर्चा का गठन किया।
उस वक्त अन्ना और वीके सिंह ने कहा था कि जनतंत्र मोर्चा के जरिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने इसे राजनीतिक संगठन बनाने और राजनीतिक दल को समर्थन करने की बात को खारिज कर दिया था।
जनतंत्र मोर्चा ने पंजाब से देशव्यापी रैली की शुरुआत की। हालांकि वीके सिंह भ्रष्टाचार विरोधी इस अभियान में पंजाब और हरियाणा में ही अन्ना के साथ रहे, यूपी, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश की रैलियों में वे नहीं दिखे। इस समय भ्रष्टाचार के विरुद्घ उनकी प्रतिबद्घता केवल वहीं दिखी जिन राज्यों में उन्हें अधिक लोकप्रियता हासिल थी। इस दौरान वह हरियाणा के एक प्रमुख राजनेता से भी मिले।
वीके सिंह और राजनीति
वीके सिंह किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य नहीं हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से उन्होंने कई नेताओं से मुलाकात कर अपने राजनीतिक रुझान के संकेत जरूर दे दिए हैं।
हरियाणा के रेवाड़ी में आयोजित रैली में वीके सिंह भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करते दिखे। जबकि इससे पहले वीके सिंह के साथी अन्ना हजारे खुद भाजपा की आलोचना कर चुके हैं।
वीके सिंह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला से भी मुलाकात कर चुके हैं। चौटाला शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं जबकि वीके सिंह खुद भ्रष्टाचार के विरुद्घ लड़ रहे हैं।
वीके सिंह एक कारोबारी और समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के अध्यक्ष कमल मोरारका के साथ भी विभिन्न मंचों पर दिख चुके हैं। सिक्रेट इंटेलिजेंस यूनिट संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए वो कह रहे हैं मोदी के साथ मंच साझा करने की वजह से उनके विरोधी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।