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'साईं ने पीड़िता की गरीबी का फायदा उठाया'
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 06 Nov 2013 08:29 PM IST
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रेप मामले में फंसे नारायण साईं के एक सहयोगी ने साईं से जुड़े और खुलासे किए हैं। सहयोगी का कहना है कि साईं ने पीड़िता की गरीबी का फायदा उठाया और उसका यौन शोषण किया।
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टीओआई के मुताबिक नारायण साईं के ड्राइवर, रसोइया और बॉडीगार्ड रह चुके सतीश वाधवानी ने बताया कि साईं ने सूरत की दो बहनों में से छोटी वाली का यौन शोषण किया था।
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सतीश वाधवानी ने ही कुछ समय पहले मीडिया को बताया था कि नारायण साईं बच्चियों से यौन दुर्व्यवहार करता था और उसके 500 से ज्यादा लड़कियों के साथ संबंध थे।
सूरत की दो सगी बहनों ने आसाराम और नारायण साईं पर कई सालों तक यौन शोषण और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उन्होंने आसाराम की पत्नी और बेटी पर भी इस काम में मदद करने का इल्जाम मढ़ा।
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इसके बाद से पुलिस नारायण साईं की तलाश कर रही है, लेकिन वह पकड़ से बाहर है।
नारायण साईं की करतूतों का खुलासा करते हुए वाधवानी ने बताया कि दूसरे नाबालिगों और किशारों की तरह नारायण साईं ने सूरत की लड़की का यौन शोषण किया था। साईं ने उसकी खराब आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया। 37 वर्षीय वाधवानी कथित तौर पर 1994 से 2011 तक साईं के साथ थे।
इंदौर के रहने वाले वाधवानी का कहना है कि पुलिस को खबर करने से पहले दोनों बहनें उनके संपर्क में थीं और उन्होंने पुलिस तक सबूत पहुंचाने में उनकी मदद करने का वादा किया था।
इंदौर में होता था शोषण
उन्होंने बताया कि नारायण साईं छोटी बहन को अक्सर इंदौर के पास स्थित साधना स्थली फार्महाउस में लाता था। वह 2003-04 के दौरान पीड़िता से मिला था। वाधवानी का दावा है कि इंदौर का आश्रम किशोरियों के साथ अवैध यौन संबंधों के लिए पहला स्थान होता था।
वाधवानी ने दावा किया की मलंग नाम से प्रचलित 300 से 500 किशोरियां को नारायण साईं के साथ रात को फार्महाउस में रखा जाता था और उन्हें सुबह छोड़ दिया जाता था। कुछ लड़कियां साईं के साथ रहती थीं और बाकियों को उनकी बारी आने तक आसपास की बस्तियों में रखा जाता था।
हालांकि, इन सब खुलासों के बाद वाधवानी को अपनी जान का खतरा भी सता रहा है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।