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कसाब की फांसी का सबने किया स्वागत

Wed, 21 Nov 2012 07:29 PM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Wed, 21 Nov 2012 07:29 PM IST
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everyone welcome to hanging of kasab

मुंबई हमले के शिकार लोगों और उनके परिजनों ने अजमल कसाब को फांसी पर चढ़ाए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह आतंकवादियों के लिए कड़ा सबक होगा कि भारत उनके खिलाफ पूरी सख्मी से पेश आएगा।

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ताज होटल हमले में शहीद हुए एनएसजी कमांडो संदीप उन्नीकृष्णन के पिता यू उन्नीकृष्णन ने कहा, ‘जिस तरह से उसे (कसाब को) फांसी दी गई वह आदर्श है। इससे पहले कि उसकी दया याचिका खारिज होने पर कोई प्रतिक्रिया दे पाता, सब कुछ खत्म हो गया। मैं इस अंदाज की तारीफ करता हूं।’ सेवानिवृत्त इसरो अफसर उन्नीकृष्णन ने कहा, ‘इस फांसी के बावजूद आतंक का सिर्फ एक अध्याय बंद हुआ है। षड्यंत्रकारी पाकिस्तान में खुले घूम रहे हैं और वहां भारत विरोधी विचार उगले जा रहे हैं। यह बंद होना चाहिए।’
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हमले में आतंकियों की गोलियों से शहीद हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर की पत्नी स्मिता ने कहा, ‘फांसी देने में भले ही विलंब हुआ लेकिन उसे अंतत: लटका दिया गया। यह फांसी मेरे पति को श्रद्धांजलि है।’ शहीद पुलिस अफसर अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने भी फांसी की खबर पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देर करने के बावजूद अंतत: सरकार ने शहीदों से न्याय किया।
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रेलवे टिकट कलेक्टर एसके शर्मा भी हमले में मारे गए थे। उनकी पत्नी रागिनी शर्मा ने कहा, ‘मेरे मन में पहला खयाल यही आया कि बहुत अच्छा हुआ। हम खुश हैं। हमें न्याय मिला।’ हमले के दौरान मौजूद छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के अनाउंसर विष्णु झेंडे ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह खबर मुझे सुनने को मिलेगी। मैं बहुत खुश हूं कि कसाब को फांसी पर टांग दिया गया है। हमले में मारे गए सभी लोगों को यह श्रद्धांजलि है।’

आतंकी हमले में घायल 13 साल की देविका रोटवान ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं लेकिन मुझे और भी खुशी होती अगर कसाब को सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटकाया जाता।’ हमले के दौरान छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर मौजूद देविका के दाएं पैर में गोली लगी थी। अब वह कक्षा नौ की छात्रा है। ताज होटल के हमले में बचने वाले भीष्म मनसुखानी इस खबर को सुनकर चौंक गए। बोले, ‘यह मेरे लिए सरप्राइज है। मुझे लगा था कि फांसी का फैसला राजनीति में उलझ जाएगा।’

इसी तरह दक्षिण मुंबई के खबाद हाउस (नरीमन हाउस) के सामने बेकरी चलाने वाले कुरेश जोराबी ने कहा, ‘यह काफी चौंकाने वाला घटनाक्रम है। जिस तरह गुप्त ढंग से फांसी दी गई मैं निराश हुआ। लेकिन मैं खुश हूं कि कसाब को फांसी पर लटका दिया गया। भारत पर हमले की बात सोचने वाले आतंकियों के लिए यह कड़ा सबक होगा।’


बॉलीवुड खुश हुआ
'न्याय की जीत हुई। लोगों ने जो खोया उसकी भरपाई इससे भले न हो लेकिन उन्हें आगे जीने की ताकत मिलेगी। व्यवस्था पर उनका विश्वास बढ़ेगा।'
- अनुपम खेर

'आज असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि उनकी बहादुरी की वजह से ही कसाब को पकड़ा जा सका था।'
- अभिषेक बच्चन

'ज्यादातर भारतीय कसाब को सार्वजनिक रूप से सजा दिए जाने के पक्ष में थे। अगर मैं उसे फांसी देता तो फंदा डालने से पहले हमले के हर शिकार की तस्वीर उसे दिखाता।'
- रामगोपाल वर्मा

'कसाब को बढ़िया ढंग से फांसी पर चढ़ाया गया। भारत सरकार को बधाई। आखिरकार ऐसा दिन आया जब सरकार ने कोई न्यूज ब्रेक की, किसी न्यूज चैनल ने नहीं...।'
- रितेश देशमुख

'आखिर कसाब को फांसी हो गई। देशवासियों को शुभकामनाएं। बाला साहब की दुखद खबर के बाद मुझे लगता है कि यह एक अच्छी खबर है।'
- रवीना टंडन

'यह न केवल यह मुंबईकरों की बल्कि पूरे भारतवासियों की जीत है।'
- मधुर भंडारकर

'कसाब ने जो किया था उसकी सजा उसे मिल गई। तमाम जांच पूरी करने और विचार विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया।'
- ओम पुरी

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