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क्या 14 लाख में आप भी पा सकते हैं जेड सुरक्षा?

Tue, 23 Apr 2013 11:32 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 23 Apr 2013 11:32 AM IST
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everyone can not take given 14 lakh z security

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी देश के उन चुनिंदा 200 लोगों में शामिल हो गए हैं जिन्हें केंद्र सरकार ने जेड सुरक्षा मुहैया कराया है।

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राजनीतिक दलों के विरोध के बाद अंबानी ने जेड सुरक्षा का खर्च (करीब 14 लाख रुपये) खुद वहन करने का फैसला किया है।

जेड सुरक्षा का अंकगणित
लेकिन यहां सवाल उठता है कि किस लोगों को ऐसी सुरक्षा मिलती है और इसके क्या मापदंड हैं?

जेड सुरक्षा उन्हीं लोगों को दी जाती है जिन्हें जान का गंभीर खतरा रहता है।

अभी भारत में प्रमुख रूप से चार सुरक्षा श्रेणियां हैं। इनमें जेड प्लस (36 सुरक्षाकर्मियों का घेरा), जेड (22 सुरक्षाकर्मियों का घेरा), वाई (11 सुरक्षाकर्मियों का घेरा) और एक्स (2 सुरक्षाकर्मियों का घेरा) शामिल हैं।
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मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्य मंत्री, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज, प्रमुख राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ नौकरशाहों को ये सुरक्षा मिली हैं।

'जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स' सुरक्षा एजेंसियों के जिम्मे इन लोगों की सुरक्षा है।

प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिजन को जेड प्लस सुरक्षा मिली है। इन लोगों की सुरक्षा का दायित्व एसपीजी का है। हालांकि प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ते में एसपीजी के अलावा एनएसजी अधिकारी भी होते हैं।
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ऐसा होगा अंबानी का सुरक्षा कवच
जेड श्रेणी की सुरक्षा के तहत मुकेश अंबानी के काफिले में एक पायलट वाहन होगा और उसके पीछे अन्य वाहन चलेंगे। इनमें हथियारों से लैस कमांडो होंगे।

यह कमांडो मुकेश अंबानी को मुंबई और देश में कहीं भी जाने पर हर वक्त सुरक्षा देंगे। सीआरपीएफ ने इसके लिए 28 सदस्यों की टीम बनाई है।

दो सुरक्षा घेरे में रहेंगे अंबानी
उल्लेखनीय है कि अंबानी के पास खुद निजी सुरक्षाकर्मियों का दस्ता है। लेकिन निजी सुरक्षाकर्मियों को कुछ खास तरह के हथियार रखने की इजाजत नहीं होती है। इस प्रकार अंबानी के लिए दो स्तरीय सुरक्षा घेरा होगा।

25 से 30 कमांडो वाले इस सुरक्षा घेरे का हर महीने का खर्च करीब 14 लाख रुपये होगा, जिसमें उनका वेतन भी शामिल है। इस खर्च के अलावा मुकेश अंबानी सुरक्षा टीम को बैरक भी मुहैया कराएंगे।


माना जा रहा है कि इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में सुरक्षा टीम अगले हफ्ते से अपनी जिम्मेदारी संभाल लेगी।

'राष्ट्रीय संपत्ति हैं अंबानी'
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश राष्ट्रीय संपत्ति हैं और उन्हें मिल रही धमकियों को देखते जेड स्तर की सुरक्षा दी गई है। मुकेश देश के ऐसे पहले गैर सरकारी, गैर राजनीतिक निजी व्यक्ति हैं, जिन्हें इस स्तर की सुरक्षा दी गई है।

सियासी दलों की आपत्ति
सियासी दलों की आपत्ति है कि जनता को सुरक्षा देने में आनाकानी करने और बुरी तरह असफल रहने वाली सरकार उद्योगपतियों की सुरक्षा की चिंता जताकर एक नई मगर बेहद गलत परंपरा की शुरुआत कर रही है।

देश की सुरक्षा श्रेणियां
-जेड प्लस - 36 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
-जेड - 22 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
-वाई - 11 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
-एक्स - 02 सुरक्षाकर्मियों का घेरा

इन एजेंसियों पर है जिम्मा
-स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी)
-नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (एनएसजी)
-भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)
-सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ)
-दिल्ली पुलिस

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