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लोकसभा में 'एक अनार सौ बीमार', स्पीकर परेशान

Sat, 05 Jul 2014 05:55 PM IST
Updated Sat, 05 Jul 2014 05:55 PM IST
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every leader want front seat in lok sabha

लोकसभा में आगे की सीटों पर बैठने के लिए एक अनार सौ बीमार की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सीटें कम होने के बावजूद विपक्ष के कई दिग्गजों की आगे बैठने की जिद से सरकार असमंजस में है।

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हालांकि संख्या बल का हवाला देते हुए सत्तारूढ़ भाजपा आगे की सीटें विपक्ष को देने के लिए तैयार नहीं है। कुल मिलाकर आगे की सीटों पर बैठने का मामला उलझ गया है।
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अब लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन शनिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इस मामले का हल तलाशने का प्रयास करेंगी। हालांकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस मामले में सर्वसम्मति बनने की उम्मीद कम दिख रही है।
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दरअसल ऐतिहासिक पराजय झेलने वाली कांग्रेस सदन की आगे की पंक्ति में चार सीटें चाहती है तो सपा और जेडीएस जैसी छोटी पार्टियां भी आगे की सीट पर दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

आगे की पंक्ति की चार सीटें चाहती है कांग्रेस

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सूत्रों के मुताबिक स्पीकर ने फिलहाल आगे की पंक्ति के मामले में जो खाका तैयार किया है, उस पर विपक्ष सहमत नहीं है। मसलन इस फार्मूले के तहत कांग्रेस को आगे की पंक्ति के लिए दो सीटों की पेशकश की गई है।

इनमें से एक पर संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और दूसरी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को बिठाने का प्रस्ताव है। मगर कांग्रेस इस फार्मूले पर तैयार नहीं है।

उसका कहना है कि ऐसी स्थिति में उसके कई वरिष्ठ नेताओं को पीछे बैठना होगा। पार्टी ने स्पीकर से आगे की पंक्ति की चार सीटें मांगी है।

उधर, महज चार सीट जीतने वाली समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर अपने मुखिया मुलायम सिंह यादव को आगे की पंक्ति में बिठाना चाहती है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी आगे की पंक्ति में बैठना चाहते हैं।

सीटों पर समझौते को तैयार नहीं भाजपा

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स्पीकर के सामने समस्या यह है कि अगर वह मुलायम सिंह, देवगौड़ा और कांग्रेस की सीटें कम करती हैं तो इसका घाटा भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और बीजद को उठाना होगा।

अपने दम पर बहुमत हासिल करने वाली भाजपा भी सीटों पर समझौता करने को तैयार नहीं है। उसका तर्क है कि ऐसी स्थिति में उसके कई वरिष्ठ नेताओं को पीछे की पंक्ति में बैठना पड़ेगा।

जाहिर है कि आम चुनाव में दमदार प्रदर्शन करने वाली तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और बीजद भी इस मामले में समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं।

अगर स्पीकर कांग्रेस को चार और सपा और जेडीएस को एक-एक सीट मुहैया कराती हैं तो बीजद आगे की दो और तृणमूल तथा अन्नाद्रमुक आगे की कम से कम तीन-तीन सीटें मांगेगी।

इसी आधार पर वाम दलों के साथ कुछ अन्य दल भी आगे की सीट की मांग करेंगे। सूत्रों का कहना है कि स्पीकर अलग-अलग दलों से बात कर इस समस्या का हल नहीं निकाल पाई हैं।

शनिवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति बनाने की एक और कोशिश होगी। अगर नतीजा नहीं निकला स्पीकर अपना पुराना फार्मूला लागू कर देंगी।

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