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खुलासा: एस्सार ग्रुप ने फायदे के लिए नेताओं को किया उपकृत

Fri, 27 Feb 2015 01:49 PM IST
Updated Fri, 27 Feb 2015 01:49 PM IST
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Exposé: Essar group obliged ministers for own profits

एस्सार ग्रुप ने अपने व्यापारिक हितों को साधने के लिए कैसे मंत्रियों, नौकरशाहों और पत्रकारों को उपहार और दूसरी सुविधाएं मुहैया कराई इसका खुलासा एक व्हिसलब्लोअर की ओर से किया गया है।

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कंपनी से बातचीत में जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक कंपनी ने व्यापारिक फायदे के लिए काफी पैसे खर्च किए।

व्हिसलब्लोअर की ओर से किए गए इस सनसनीखेज खुलासे को अब वह सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहा है। ये सनसनीखेज खुलासा अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' की ओर से किया गया है।
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कई बड़े नेताओं के नामों का जिक्र

Exposé: Essar group obliged ministers for own profits

अखबार में छपी खबर के मुताबिक जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक एस्सार समूह ने कथिततौर पर अपने खर्च पर भाजपा के बड़े नेता नितिन गडकरी को सपरिवार क्रूज की सैर कराई।

इसके साथ-साथ पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा सांसद वरूण गांधी के नाम भी इसमें शामिल हैं। कंपनी के आंतरिक ईमेल और दूसरे दस्तावेजों से इसका पता चला है।

इस मुद्दे पर जब अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एस्सार समूह के प्रवक्ता से सवाल किए, तो कंपनी की ओर से जानकारी दी गई कि मामले से जुड़े कई दस्तावेज चोरी हो गए हैं।

कंपनी के प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि इस मामले पर उन्होंने दिल्ली पुलिस में शिकायत भी की है। साथ ही कंपनी ने इस मुद्दे पर जरूरी कदम उठाने पर भी विचार कर रही है।

एस्सार के कंपनी के याट पर गए गडकरी

Exposé: Essar group obliged ministers for own profits

दस्तावेजों के मुताबिक भाजपा नेता नितिन गडकरी, उनकी पत्नी, दो बेटों और बेटी ने फ्रैंच रिविएरा में एस्सार कंपनी के याट पर 7 से 9 जुलाई 2013 के बीच दो रातें बिताई थीं। नाइस एयरपोर्ट से गडकरी का परिवार हेलिकॉप्टर से याट पर गया था।

हालांकि तब गडकरी मंत्री नहीं थे और भाजपा के अध्यक्ष पद से भी हट चुके थे। इसके बाद भी कंपनी की ओर से किए गए एक मेल में कहा गया था कि ये बेहद खास लोग हैं और उनका ख्याल रखा जाए।

वहीं जब इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस मुद्दे पर गडकरी से बात की तो उन्होंने कहा कि हां, जिस समय का ये मामला है उस वक्त मैं अपने परिवार के साथ नॉर्वे गया था। उस यात्रा पर मैंने अपने सभी टिकटों और होटल बिल को खुद वहन किया। पूरा खर्च मैंने अपने से किया।

गडकरी के मुताबिक, उन्होंने याट पर यात्रा की थी। उसके पीछे वजह यही थी कि वो रूइया परिवार को 25 साल से जानते हैं। गडकरी ने बताया कि जैसे ही रूइया परिवार को उनके यूरोप यात्रा की सूचना मिली तो उन्होंने मुझे आमंत्रित किया। गडकरी ने इसे बेहद निजी यात्रा करार दिया।

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पैरवी पर कंपनी ने दी नौकरी

Exposé: Essar group obliged ministers for own profits

गडकरी मुताबिक उस समय न तो वो कोई मंत्री थे और ना भाजपा अध्यक्ष या सांसद। फिर इस मुद्दे पर किसी को क्या शिकायत हो सकती है? गडकरी ने आगे कहा कि रूइया, मुंबई में उनके पड़ोसी हैं और उन्होंने किसी भी स्थिति में उनका समर्थन कहीं नहीं किया है।

एस्सार कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक तत्कालीन कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, मोतीलाल वोरा, तत्कालीन सांसद यशवंत नारायण सिंह लागुरी और भाजपा के वरूण गांधी ने अपने-अपने उम्मीदवारों को कंपनी में नौकरी के लिए भेजा था।

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के ईमेल से साफ है कि कंपनी में करीब 200 पद ऐसे थे जिसे वीआईपी के नाम पर रिक्त रखे गए थे।

अपने करीबियों को नौकरी दिलवाने के सवाल पर श्रीप्रकाश जायसवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि उन्होंने कुछ लोगों के लिए एस्सार समूह में नौकरी की पैरवी की थी। मैंने अपने संसदीय क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का प्रयास करता रहा हूं।

वरूण गांधी के भी नाम का जिक्र

Exposé: Essar group obliged ministers for own profits

दूसरी ओर दिग्विजय सिंह से जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने साफ तौर से नहीं लेकिन उन्होंने भी माना है कि वो बेरोजगारों की मदद करते रहे हैं।

वरूण गांधी से जब इस मुद्दे पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इतना याद नहीं किसी के लिए उन्होंने पैरवी की हो। हां, लेकिन उन्होंने कई पढ़े-लिखे बेरोजगारों से मुलाकात की है। उनके सहयोग की कोशिश भी की है। वहीं जब लागुरी से इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की गई तो उनसे बात नहीं हो सकी।

एस्सार कंपनी के एक और ईमेल में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नेताओं ओर सांसदों को गिफ्ट देने की बात कही है। इसमें 200 महंगे सेलफोन का भी जिक्र है। इसके अलावा कंपनी ने दिल्ली के पत्रकारों के लिए खास तौर से मुफ्त कैब की भी व्यवस्था जिक्र किया है।

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