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एनसीईआरटी सर्वेः टीचर तो बढ़े, नहीं बढ़ी लड़कियां

Tue, 22 Jan 2013 11:08 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 22 Jan 2013 11:08 AM IST
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enrollment of girl students is lesser in higher secondary

देश भर के प्राइमरी स्कूलों में भले ही लड़कियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता हो, लेकिन प्राइमरी के मुकाबले में उच्चतर माध्यमिक स्तर तक कम ही लड़कियां शिक्षा ग्रहण करती हैं।

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यह खुलासा हुआ है एनसीईआरटी के आठवें ऑल इंडिया एजुकेशन सर्वे से। सर्वे के मुताबिक शिक्षक छात्र अनुपात में सुधार हुआ है। वहीं, स्कूलों में शिक्षकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।  
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एनसीईआरटी ने अपने सर्वे की रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइमरी स्तर पर 48.13 लड़कियां शिक्षा ग्रहण करती हैं, जबकि उच्चतर माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की संख्या की बात की जाए तो यह 42.56 ही है। ऐसा ही ट्रेंड ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों में लड़कियों की संख्या में देखने को मिला है।
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स्कूलों में खासकर उच्चतर माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों की संख्या की बात की जाए तो 34 फीसदी बढ़ी है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की संख्या में 50 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। शिक्षक-छात्रों के अनुपात की बात की जाए तो पहले 42 बच्चों पर एक शिक्षक था, जबकि अब 30 शिक्षकों पर एक शिक्षक है।


सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर अभी भी अच्छा नहीं है। स्कूलों में पीने के पानी, शौचालय, खेल के मैदान की व्यवस्था ठीक नहीं है। ग्रामीण इलाकों में प्राइमरी स्कूलों में पांच में से एक स्कूल में पीने के पानी, दस में से तीन स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस सर्वे में कुल 13 लाख स्कूलों को शामिल किया गया है।

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