{"_id":"220a5b3c-1a16-11e2-8947-d4ae52bc57c2","slug":"enjoy-durga-pooja-of-belur-math-on-home-internet-at-home","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब घर बैठे इंटरनेट पर देखें बेलूरमठ की दुर्गापूजा","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अब घर बैठे इंटरनेट पर देखें बेलूरमठ की दुर्गापूजा
बेलूर/एजेंसी
Updated Fri, 19 Oct 2012 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल के बेलूरमठ की अद्वितीय दुर्गापूजा अब दुनियाभर के श्रद्धालु देख सकेंगे। इस पूजा को रामकृष्ण मिशन इंटरनेट पर लाइव प्रसारित करेगा। यहां देवी दुर्गा के साथ एक कन्या की भी पूजा होती है। दुर्गापूजा का प्रसारण अंग्रेजी और बांग्ला में कमेंट्री के साथ आठ कैमरों की मदद से किया जाएगा। वेबसाइट विभाग के प्रभारी महंत ने बताया कि पूजा के सभी समारोहों और अनुष्ठानों का www.belurmath.tv पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। यह प्रसारण शनिवार से शुरू होगा।
महंत ने बताया कि दुर्गा पूजा को वेबसाइट पर दिखाने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि व्यक्तिगत रूप से यहां नहीं पहुंच पाने वाले भी माता का दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि काफी संख्या में श्रद्धालु पश्चिम बंगाल के बाहर रहते हैं और वे चाह कर भी पूजा के दौरान यहां नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर ही पूजा का वेबसाइट पर प्रसारण का फैसला किया गया है। महंत ने बताया कि पूजा का दोबारा प्रसारण भी किया जाएगा। अब तक इस पूजा का प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन चैनल पर किया जाता था।
बेलूरमठ में दुर्गापूजा का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद ने किया था। यहां हर साल हजारों की संख्या में लोग देवी दुर्गा का दर्शन करने आते हैं। यहां दुर्गापूजा के दौरान एक कन्या की भी पूजा होती है। इसे कुमारी पूजा कहते हैं। अष्टमी के दिन ‘कुमारी’ की वैसे ही पूजा की जाती है जैसे देवी की होती है। अंत में पूरी परंपरा के साथ आरती की जाती है और वरिष्ठ महंत ‘कुमारी’ के चरणों में पुष्प चढ़ाते हैं। इस परंपरा को स्वामी विवेकानंद ने ही शुरू किया था। वे खुद ‘कुमारी’ पूजा करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महंत ने बताया कि दुर्गा पूजा को वेबसाइट पर दिखाने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि व्यक्तिगत रूप से यहां नहीं पहुंच पाने वाले भी माता का दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि काफी संख्या में श्रद्धालु पश्चिम बंगाल के बाहर रहते हैं और वे चाह कर भी पूजा के दौरान यहां नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर ही पूजा का वेबसाइट पर प्रसारण का फैसला किया गया है। महंत ने बताया कि पूजा का दोबारा प्रसारण भी किया जाएगा। अब तक इस पूजा का प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन चैनल पर किया जाता था।
विज्ञापन
बेलूरमठ में दुर्गापूजा का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद ने किया था। यहां हर साल हजारों की संख्या में लोग देवी दुर्गा का दर्शन करने आते हैं। यहां दुर्गापूजा के दौरान एक कन्या की भी पूजा होती है। इसे कुमारी पूजा कहते हैं। अष्टमी के दिन ‘कुमारी’ की वैसे ही पूजा की जाती है जैसे देवी की होती है। अंत में पूरी परंपरा के साथ आरती की जाती है और वरिष्ठ महंत ‘कुमारी’ के चरणों में पुष्प चढ़ाते हैं। इस परंपरा को स्वामी विवेकानंद ने ही शुरू किया था। वे खुद ‘कुमारी’ पूजा करते थे।
विज्ञापन