शिक्षा में गुणवत्ता लाना देश के सामने बड़ी चुनौती: करीना
यूनिसेफ की सिलेब्रिटी एडवोकेट और फिल्म अभिनेत्री करीना कपूर ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने को देश के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है। यहां बाल अधिकार सम्मेलन में शिरकत करने आईं करीना ने कहा कि यह सही है कि भारत में शिक्षा का प्रसार तेजी से हो रहा है, मगर जहां तक शिक्षा में गुणवत्ता की बात है तो इस दिशा में अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
इस दौरान उन्होंने देश में अब भी बेटी पर बेटे को दी जा रही तरजीह पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता में बड़ा बदलाव हुआ है, मगर यह काफी नहीं है। ऐसी सोच रखने वालों को यह अहसास कराया जाना जरूरी हैं कि बेटियां दुनिया के मंच पर देश की राजदूत हैं। इस दौरान करीना ने गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए यूनिसेफ की पहल को सराहा और इसी तर्ज पर शिक्षा देने के नए मॉडल तैयार करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य सरकार की सरस्वती साइकिल योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में छात्राओं को और बेहतर अवसर मुहैया कराए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रमन और करीना ने एडु-ट्रेक एप जारी किया।
शिक्षा में गुणवत्ता की कमी
करीना ने देश की शिक्षा में गुणवत्ता की कमी और शिक्षा देने में लड़के-लड़की के बीच भेदभाव जारी रहने पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने राजस्थान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पढ़ने वाली छात्राएं ऊर्जा से भरपूर थी। उनके पास कुछ कर दिखाने की हिम्मत और काबीलियत भी थी। इसके बावजूद ये लड़कियां घर इसलिए नहीं जाना चाहती थी कि उनके मां बाप उनकी शादी करा देंगे।
करीना ने कहा कि यह भेदभाव बंद होना चाहिए और ऐसा मानसिकता में बदलाव केजहिर ही संभव होगा। इसकेलिए जाहिर तौर पर जागरुकता अभियान छेड़े जाने की जरूरत है। करीना ने इस दौरान शिक्षा में गुणवत्ता में कमी पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि चाइल्ड फैमिली स्कूल एंड सिस्टम (सीएफएसएस) के जरिए यूनिसेफ का इस दिशा में प्रयास काबिलेतारीफ है।
उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि देश में शिक्षा की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। पढ़ने वालों की संख्या भी बढ़ी है। मगर अब असली चुनौती इन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की है। गौरतलब है कि करीना सीएफएसएस के तहत चल रहे कुछ स्कूलों का दौरा भी करने वाली थी, मगर खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा।