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‘अंग्रेज़ी नहीं आती’ का बहाना नहीं चलेगा

Updated Thu, 02 Jul 2015 07:07 PM IST
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english is important for career growth
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दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे हिंदीभाषी राज्यों में 40 प्रतिशत से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां हिंदी माध्यम से पढ़ाई होती है।
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इन स्कूलों से निकले छात्र जब प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेते हैं तो करियर की राह में अंग्रेज़ी आड़े आ जाती है। हालाँकि विशेषज्ञ हिंदी माध्यम के छात्रों की इस परेशानी को समझते हैं, लेकिन साथ ही वे यह भी मानते हैं कि तकनीकी ज्ञान के लिए भाषा कोई बाधा नहीं है।


भाषा सीखना कठिन नहीं
सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार भी कहते हैं, "जो छात्र अपने विषय में सफल है वह अंग्रेज़ी भी सीख सकता है, विषय में सफलता आत्मविश्वास बढ़ाती है और फिर भाषा सीखना इतना कठिन नहीं रह जाता।" गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन में कंप्यूटर सांइस ब्रांच के डायरेक्टर डॉक्टर उमेश कुमार सिंह अंग्रेज़ी भाषा को छात्रों के दयनीय प्रदर्शन के लिए ज़िम्मेदार नहीं मानते।

खुद हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़े डॉक्टर सिंह कहते हैं, “भाषा कहीं भी बाधा नहीं बन सकती। हिंदी माध्यम वाले छात्रों को अंग्रेज़ी को भी अपने विषयों के साथ मजबूत बनाना होगा, वे अंग्रेज़ी न आने का बहाना नहीं बना सकते, नहीं आती है तो सीखो, आप विषय भी तो सीखते ही हो।”
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रटें नहीं, समझें

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