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जुल्म की शिकार बच्ची के लिए फरिश्ता बना ये शख्स

Sat, 23 May 2015 09:37 PM IST
Updated Sat, 23 May 2015 09:37 PM IST
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engineer will help girl which tortured by step mother

सौतेली मां के जुल्मों का शिकार और कुपोषित बच्ची की पीड़ा पर अमेरिका के कैलिर्फोनिया में इंजीनियर तपराज सिंह का दिल पसीज गया। उन्होंने बच्ची पर हुए जुल्मों की दास्तां अमर उजाला ई-पेपर में पढ़ी। उन्होंने सीएमओ डॉ. राजकुमार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे बच्ची का पालन पोषण करना चाहते हैं।

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बिजनौर के गांव मंगोलपुरा निवासी तपराज सिंह अमेरिका के कैलिर्फोनिया में किसी कंपनी में इंजीनियर हैं। जिले में होने वाली हर छोटी बड़ी घटना पर वह ई-पेपर के माध्यम से नजर रखते हैं। शुक्रवार को अमर उजाला ने चंदक क्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी साढ़े चार साल की बच्ची कशिश पर उसकी सौतेली मां द्वारा किए गए जुल्मों की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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तपराज सिंह ने कैलिर्फोनिया में ही इस खबर को पढ़ा। उन्होंने शुक्रवार दोपहर सीएमओ डॉ. राजकुमार से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि मां की मौत के बाद बच्ची के साथ अन्याय हुआ है। वे बच्ची के इलाज, उसके पढ़ने लिखने और खाने-पीने में मदद करना चाहते हैं।
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बच्ची के बारे में अधिक जानकारी के लिए तपराज सिंह ने पोषण पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके सिंह से भी बात की। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि तपराज सिंह का कैलिर्फोनिया से उनके पास फोन आया था। उन्होंने बच्ची की सभी तरह की मदद करने की बात कही है।

बेहद दयनीय थी बच्ची की हालत

engineer will help girl which tortured by step mother

गौरतलब है कि बिजनौर के भवानीपुर गांव में एक सौतेली मां के शोषण ने एक बच्ची को कुपोषण का शिकार बना दिया। सौतेली मां के अत्याचारों से एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बच्ची को मुक्त कराकर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया, तो हकीकत सामने आई।

चार साल की इस बच्ची का वजन महज साढ़े नौ किलो है। बच्ची की हालत देखकर चिकित्सकों का कलेजा भी मुंह को आ गया है। राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गांव-गांव, घर-घर कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनका उपचार किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री कामेश देवी चंदक ब्लॉक क्षेत्र के अपने गांव भवानीपुर पहुंची। अचानक एक साढ़े चार साल की बच्ची कशिश उनके सामने आ गई और खाने के लिए कुछ मांगा। बच्ची की हालत देख वह सकपका गई।

गुरुवार को 24 घंटे बाद बच्ची की सौतेली मां जिला अस्पताल पहुंची। मां के जुल्मों से सहमी बच्ची डर गई। सौतेली मां को देखते ही बच्ची ने हाथ जोड़ लिए और कांपने लगी।

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