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बैंक की सुरक्षा में लगा सिपाही बोरियों में भरकर ले गया नोट

Sun, 05 Apr 2015 12:18 AM IST
Updated Sun, 05 Apr 2015 12:18 AM IST
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Engaged in the bank security policeman theft of billions

शहर के अंसारी रोड स्थित सेंट्रल बैंक की करेंसी चेस्ट से पौने तीन करोड़ रुपये गायब होने से सनसनी फैल गई। बैंक में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात सिपाही के फरार होने से उस पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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सूचना मिलते ही गोरखपुर जोन के आईजी, डीआईजी और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ की। एसपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि शनिवार को बैंक खुलने पर करेंसी चेस्ट प्रभारी विनोद कुमार सिंह पहुंचे तो उन्हें कैश बाक्स की कुंडी टूटी मिली और 31 मार्च को उसमें रखे गए पौने तीन करोड़ रुपये गायब थे।
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उन्होंने तत्काल बैंक अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर कोतवाली थाने में तहरीर दी। बैंक पहुंची पुलिस ने ऑडिट टीम के साथ चेस्ट में मौजूद रकम का रिकार्ड से मिलान कराया तो रुपये पूरे मिले। इस पर प्रभारी ने बताया कि क्लोजिंग वाले दिन 2,77,70,000 रुपये शाम को आए थे।
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बैंक की खिड़की की जाली, बाक्स की कुंडी टूटी

Engaged in the bank security policeman theft of billions

रिकार्ड अपडेट न हो पाने से इसकी सूचना आरबीआई में सीधे दर्ज करा दी गई थी। इसके बाद से बैंक बंद चल रहा था। कर्मचारियों ने बताया कि बैंक के पीछे खिड़की की जाली टूटी है। सीसीटीवी कैमरा भी शुक्रवार दोपहर 1:58 बजे से बंद है।

पूछताछ में पता चला कि कि चेस्ट वाले बैंक परिसर में आजमगढ़ के जहानागंज निवासी सिपाही श्रीप्रकाश सिंह और वाराणसी के श्रवण कुमार की ड्यूटी सिक्योरिटी गार्ड के रूप में थी। दोनों सिपाहियों की ड्यूटी 24 घंटे की थी, लेकिन वह 12-12 घंटे की शिफ्ट बांटकर काम करते थे।

सिपाही श्रवण ने बताया कि शाम करीब छह बजे जब वह ड्यूटी पर आया तो श्रीप्रकाश नहीं मिला और बैंक पर ताला लगा था। उसने श्रीप्रकाश से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। कुछ देर इंतजार करने के बाद श्रवण ने आईआई लाइंस को इसकी सूचना दे दी थी।

आईजी, डीआईजी, बैंक अधिकारियों ने की कर्मचारियों से पूछताछ

Engaged in the bank security policeman theft of billions

आरआई ने भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन श्रीप्रकाश का पता नहीं चला। एटीएम के गार्ड सत्यप्रकाश गौतम ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे उसने श्रीप्रकाश को बैंक से निकलते देखा था। दो बोरों में कुछ भरा था जिसे वह रिक्शे पर लादकर खुद बाइक से जा रहा था।

आईजी अमिताभ यश, डीआईजी डॉ. संजीव कुमार समेत बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की। एसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में सिपाही श्रीप्रकाश की हुलिया वाला व्यक्ति दिखा है।

कुछ बैंक कर्मियों पर भी शक है। फिलहाल सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही रकम की बरामदगी कर ली जाएगी।

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