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मनी लॉड्रिंग में फंसे ओमप्रकाश चौटाला, घर सीज
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2013 12:45 AM IST
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चौटाला के खिलाफ मनी लॉड्रिंग मामले में कार्रवाई की है। ईडी ने मनी लॉड्रिंग निरोधक कानून के तहत कार्रवाई करते हुए गुड़गांव में चौटाला का मकान सीज कर दिया है।
बृहस्पतिवार को ईडी ने चौटाला के गुड़गांव स्थित जिस मकान को अटैच किया है, उसकी कीमत करीब 47 लाख आंकी जा रही है। सेक्टर 28 की हरियाणा जन प्रतिनिधि सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसायटी का यह मकान ओमप्रकाश चौटाला के नाम पर ही लिया गया है।
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शिक्षक भर्ती घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद ईडी की कार्रवाई चौटाला के लिए बड़ा झटका है।
आय से अधिक संपत्ति और गैरकानूनी तरीकों से कमाई के मामले में ईडी उनकी कई अन्य संपत्तियां अटैच करने की तैयारी कर रहा है। जिस तरह चौटाला की संपत्ति सीज की है, उससे लगता है कि उनके खिलाफ मनी लॉड्रिंग का बड़ा मामला बन सकता है। इस मामले में चौटाला के कई नजदीकी लोगों की छानबीन भी चल रही है।
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शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट के आधार पर ईडी ने भी चौटाला के खिलाफ मनी लॉड्रिंग की जांच शुरू की थी। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चौटाला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और गैरकानूनी लेनदेन से जुड़ी काफी जानकारी ईडी के हाथ लगी है।
बृहस्पतिवार की कार्रवाई इसकी पहली कड़ी है। एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में उनकी कई और प्रॉपर्टी अटैच हो सकती है।
वर्ष 2000 में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने गत जनवरी को ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला सहित दस लोगों को शिक्षक भर्ती घोटाले में दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई थी।
पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के उल्लंघन के दोषी पाए गए कुल 55 लोगों को इस मामले में सजा मिल चुकी है।