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उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों को मिलेगा तोहफा
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Oct 2012 01:35 PM IST
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उत्तर प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों को जल्द तोहफा देने की तैयारी में है। कर्मचारियों के लिए वाहन भत्ता, वर्दी भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता समेत कई तरह के भत्तों की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। वेतन समिति की सिफारिश के आधार पर वित्त विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। इससे विभिन्न सरकारी महकमों में अलग-अलग तरह के भत्तों के हकदार लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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असल में रिजवी वेतन समिति ने राज्य कर्मचारियों के लिए पिछले साल नवंबर में उनकी मांगों के मद्देनजर अलग अगल भत्तों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन पिछली सरकार ने इसको खास तवज्जो नहीं दी। इस बीच विधानसभा चुनाव का ऐलान हो जाने के कारण आचार संहिता लागू हो गई। इस पर फैसला नहीं हो सका। अब प्रदेश सरकार द्वारा इसमें रुचि दिखाने से यह मामला तेजी से आगे बढ़ गया है। वेतन समिति के प्रस्ताव का वित्त विभाग ने परीक्षण कर लिया है, कुछ भत्तों को यथावत बनाए रखने की सिफारिश भी की गई है।
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इन्हें मिलेगा लाभ
प्रदेश के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, वाहन चालकों, आबकारी, वन व कारागार आदि विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को वर्दी भत्ता व वर्दी धुलाई भत्ते की बढ़ी दरों का लाभ होगा। अवकाश यात्रा भत्ते के लिए सरल की गई शर्तों का लाभ सभी राज्य कर्मचारियों को होगा। वाहन भत्ते के हकदार सभी कर्मचारी बढ़ी हुई दर का लाभ पाएंगे। द्विभाषी टाइपिस्ट व निजी सचिव, विकलांग बच्चों वाले राज्य कर्मचारियों को भी वित्त विभाग का प्रस्ताव मंजूर होने पर लाभ मिलेगा।
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वर्दी भत्ता
वित्त विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, सचिवालय के बाहर के लाखों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व वाहन चालकों के लिए वर्दी व अन्य सामान की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव है। गर्मी में वर्दी के लिए पहले 340 रुपए मिलते थे अब 1200 रुपए मिला करेंगे। सर्दियों में वर्दी के लिए पहले 655 रुपए मिलते थे, अब इसके लिए 2000 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा जूते के लिए पहले 82 रुपए मिलते थे अब 300 रुपए मिलेंगे। कंबल के लिए 200 के बजाए अब 300 मिलेंगे। सचिवालय के वाहन चालकों को गर्मी में टेरीकाट के दो पैंट व शर्ट अब चार साल में एक बार मिलेगा। सचिवालय में कर्मचारी वर्दी पहने हैं या नहीं, इसका निरीक्षण करने के लिए अधिकारी नामित किए जाएंगे। जो कर्मचारी वर्दी नहीं पहनेगा। उसे वर्दी भत्ता नहीं मिलेगा।
अवकाश यात्रा भत्ता
इस भत्ते के लिए शर्ते कुछ सरल की गईं हैं। कर्मचारियों को पहले पांच से दस साल के बीच एक बार अवकाश यात्रा सुविधा मिलती थी, अब पांच से आठ साल के बीच यह सुविधा एक बार मिलेगी। इसके बाद यह सुविधा 11 से 20 साल के बीच मिलती थी अब नौ साल से 16 साल के बीच दूसरी बार यह सुविधा मिलेगी। 21 से 30 साल में यह सुविधा तीसरी बार मिलती थी, लेकिन अब यह सुविधा 17 से 24 साल व बाद में 25 से 32 साल में मिलेगी।
वाहन भत्ता
कर्मचारियों को वाहन भत्ते के रूप में मोटर कार के लिए (400 किमी से अधिक चलने पर) अब तक 800 रुपए, मोटर साइकिल व स्कूटर के लिए 350 रुपए, मोपेड के लिए 150 रुपए व साइकिल के लिए 50 रुपए मिलते थे। लेकिन व्यवस्था में बदलाव कर पेट्रोल की सीमा तय की गई है। अब इसी हिसाब से वाहन भत्ते के रूप में भुगतान होगा। अब कार के लिए 30 लीटर, मोटर साइकिल व स्कूटर के लिए 13 लीटर पेट्रोल, मोपेड के लिए छह लीटर पेट्रोल व साइकिल चालकों के लिए दो लीटर पेट्रोल के बराबर की धनराशि मिलेगी।
वर्दी धुलाई भत्ता
अलग-अलग विभागों में कार्यरत वर्दीधारक अफसरों व कर्मचारियों के लिए वर्दी धुलाई भत्ते की दरें संशोधित की गईं हैं। कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक व उप महानिरीक्षक को 120 रुपए के बजाए 300 रुपए वर्दी धुलाई के लिए मिलेंगे। कारागार अधीक्षक को भी इसी दर पर लाभ मिलेगा। उप अधीक्षक, जेलर व उप जेलर, मुख्य बंदी रक्षक व प्रधान बंदी रक्षक को 30 रुपए के बजाए 150 रुपए मिलेंगे। वन विभाग में वन रेंजर को 30 रुपए के बजाए 150 रुपए मिलेगा। आबकारी विभाग में आबकारी आयुक्त व उप आबकारी आयुक्त को 120 रुपए के बजाए 300 रुपए भत्ता मिलेगा। आबकारी सिपाही को 30 रुपए के बजाए 150 रुपए दिए जाएंगे। विधानसभा व विधान परिषद के मार्शल को वर्दी धुलाई भत्ते के रूप में 120 के बजाए 300 रुपए दिए जाएंगे।
द्विभाषी प्रोत्साहन भत्ता
हिन्दी, अंग्रेजी या उर्दू टाइपिस्ट का भत्ता अब 50 रुपए के बजाए 100 रुपए होगा। निजी सचिव को 150 के बजाए 300 रुपए द्विभाषी प्रोत्साहन भत्ते के रूप में मिलेंगे। कम्प्यूटर संचालन प्रोत्साहन भत्ता समिति ने यह भी सिफारिश की है कि जिन कर्मचारियों को इस मद में भत्ता मिल रहा है, उनके लिए यह सुविधा आगे भी यथावत रखी जाए, लेकिन इस पद पर जो नई भर्तियां हो, उन्हें यह सुविधा न दी जाए।
शिक्षा संबंधी सहायता भत्ता
2000 रुपए तक ग्रेड पे वाले राज्य कर्मचारियों के नि:शक्त बच्चों के लिए मिलने वाली सहायता अब 150 के बजाए 300 (प्रति बच्चा) रुपए होगी। नियत यात्रा भत्ता के रूप में पेट्रोल की सीमा तय की गई है। नियत यात्रा भत्ता के तहत मैदानी क्षेत्र में पचास रुपए के बजाए दो लीटर व दो सौ रुपए के बजाए 8 लीटर पेट्रोल के बराबर की धनराशि मिलेगी।