इधर बच्चे का जन्म हुआ, उधर स्कूल में रजिस्ट्रेशन

देहरादून/ब्यूरो Updated Wed, 07 Nov 2012 08:19 AM IST
elite class have a craze for doon school
अपनी अध्यापन शैली और देश को कई प्रबुद्ध राजनेता, साहित्यकार, कलाकार देकर खास पहचान बनाने वाला दून स्कूल प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान के दाखिले के लिए देहरादून पहुंचने के बाद से चर्चा में है। प्रियंका ही नहीं, देश के करीब हर बड़े उद्योगपति, प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता, फिल्म स्टार और कलाकारों की चाहत होती है कि उनका बेटा दून स्कूल में शिक्षा प्राप्त करे।

स्कूल का क्रेज एलीट वर्ग पर किस कदर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बेटे के जन्म के साथ ही अभिभावक प्रवेश परीक्षा के लिए स्कूल में उसका रजिस्ट्रेशन करा देते हैं। जबकि बच्चे को प्रवेश कक्षा सात या आठ में दिया जाता है।

यह है प्रवेश प्रक्रिया
द दून स्कूल में दाखिले सातवीं और आठवीं कक्षा में होते हैं। इसके लिए कभी भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। दाखिला एंट्रेंस टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू के बाद दिया जाता है। सातवीं में दाखिले के लिए आयु 11 वर्ष से अधिक और 12 वर्ष से कम होनी चाहिए। आठवीं के लिए आयु 12 वर्ष से अधिक और 13 वर्ष से कम निर्धारित है। आयु एंट्रेंस टेस्ट की तिथि के आधार पर तय की जाती है।

वर्ष में दो बार प्रवेश
स्कूल में प्रतिवर्ष दो बैच में प्रवेश दिए जाते हैं। जनवरी में आठवीं कक्षा में छात्रों को प्रवेश दिया जाता है, इसे डी फार्म कहा जाता है। इसी तरह अप्रैल में सी फार्म यानी कक्षा सात में प्रवेश दिया जाता है। दाखिले में पूर्व छात्रों के बेटों, पोतों या अध्ययनरत छात्रों के भाइयों को कुछ छूट दी जाती है।

स्कूल ‘अंग्रेजी’ लेकिन हिंदी जरूरी
दून स्कूल में भले ही अंग्रेजी का जोर हो लेकिन यहां राष्ट्रभाषा हिंदी को कमतर नहीं माना जाता। यही वजह है कि यहां प्रवेश की चाहत रखने वाले बच्चों को गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान के साथ हिंदी की परीक्षा भी देनी होती है। विदेशी बच्चों के लिए भी यह नियम अनिवार्य है। हालांकि, यदि किसी छात्र ने प्रवेश परीक्षा से पांच वर्ष पहले तक हिंदी नहीं पढ़ी हो तो उसके अभिभावक ऐसा न होने की वजह और स्कूल का प्रमाणपत्र देकर छूट पा सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन फीस भी कुछ कम नहीं
रजिस्ट्रेशन फार्म स्कूल की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। बेटे के जन्म के साथ ही रजिस्ट्रेशन कराया तो कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन वक्त बीतता गया तो बच्चे की उम्र के साथ फीस भी बढ़ती जाएगी। स्कूल की वार्षिक फीस दाखिले के वक्त नौ लाख 35 हजार रुपये बैठती है।

यह है रजिस्ट्रेशन फीस
तीन वर्ष तक - 11 हजार रुपये
3 से 5 वर्ष तक - 14 हजार रुपये
5 से 7 वर्ष तक - 17 हजार रुपये
7 से 9 वर्ष तक - 19 हजार रुपये
9 से 11 वर्ष तक - 28 हजार रुपये
11 से 13 वर्ष तक - 35 हजार रुपये

राजीव-संजय को भी नहीं मिला था डायरेक्ट प्रवेश
स्कूल में दाखिला प्रक्रिया सभी के लिए एकसमान है। चाहे वह साधारण व्यक्ति का पुत्र हो या फिर प्रधानमंत्री का बेटा। यही वजह थी कि राजीव गांधी और संजय गांधी को भी डायरेक्ट एडमिशन देने से इनकार कर दिया गया था। दोनों को एंट्रेंस टेस्ट और इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही दाखिला मिला था। प्रियंका गांधी वाड्रा के अपने बेटे रेहान के दाखिले के लिए दून स्कूल पहुंचने को भी इसी प्रवेश प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

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