फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   eleven factors of karnataka poll result

कर्नाटक चुनाव परिणाम: क्या आपको पता हैं ये 11 बातें?

Thu, 09 May 2013 01:09 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 09 May 2013 01:09 PM IST
विज्ञापन
eleven factors of karnataka poll result

कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम में कई चौंकाने वाले और रोचक तथ्य सामने आए हैं। आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसे रोचक तथ्यों पर जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते हों।

विज्ञापन


1.कर्नाटक के सीपी जोशी
मुख्यमंत्री के प्रमुख दावेदारों में से एक, दलित नेता और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष जी परमेश्वर का हाल राजस्थान के सीपी जोशी की तरह हुआ।

पार्टी को भले ही सरकार बनाने के लिए बहुमत मिला हो लेकिन परमेश्वर खुद अपनी सीट गंवा बैठे। हार की वजह से उनकी दावेदारी अपने आप खत्म हो गई है।

आपको बता दें इस जिले में राहुल गांधी ने भी प्रचार किया था। राजस्थान विधानसभा चुनाव में सीपी जोशी भी एक वोट से अपनी सीट गंवा बैठे थे, वे भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सीएम पद के दावेदार थे।
विज्ञापन


2-एक दर्जन मंत्री हारे
बीजेपी सरकार के 12 मंत्रियों को एक साथ हार का मुंह देखना पड़ा। इतनी बड़ी संख्या में मंत्रियों की हार से बीजेपी सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा समझा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


3-बेल्लारी में सूपड़ा-साफ
जिन बेल्लारी बंधुओं को लेकर बीजेपी हमेशा घिरी रही, उनके गृह जिले बेल्लारी की सभी नौ सीटों पर बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा। बेल्लारी बंधु अभी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं।

4-खत्म हुआ वनवास
कर्नाटक में कांग्रेस का सत्ता से वनवास खत्म हो गया और 14 साल बाद उसने एक बार दक्षिण के अपने किले पर परचम लहराया है।

5-बीजेपी का डब्बा गोल
बीजेपी के वोट प्रतिशत में एक साथ करीब 14 फीसदी की कमी आई है और वह केवल 20 फीसदी वोटों के साथ जेडी (एस) से भी पीछे चली गई है। सत्तारूढ़ पार्टी के लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है।

6-2014 को पलीता
कर्नाटक के चुनाव परिणामों से लोकसभा चुनाव में बीजेपी की संभावनाएं धूमिल हुई हैं। अभी कर्नाटक से बीजेपी के 19 सांसद हैं।

7-कम में ज्यादा का फायदा
कांग्रेस का वोट प्रतिशत केवल 1.8 फीसदी ही बढ़ा लेकिन इससे पार्टी को 42 सीटों का फायदा हुआ और वह सरकार बनाने लायक आंकड़े जुटा सकी।

8. भटकल का अलग राग
इंडियन मुजाहिदीन के भटकल बंधुओं से चर्चा में आए कर्नाटक के भटकल ने दोनों बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों को खारिज कर दिया है। यहां पर एक निर्दलीय ने जीत दर्ज की है। जेडीएस दूसरे और केजीपी तीसरे नंबर पर रही।

9- कौन मुख्य विपक्षी दल?
कर्नाटक में बीजेपी और जेडी (एस) को 40-40 सीटें मिली हैं। इससे अब ये तय करना मुश्किल हो गया है कि कौन सी पार्टी को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलेगा।

10-गार्डन सिटी में नहीं मुरझाया कमल
भले ही कर्नाटक में लोगों ने बीजेपी को खारिज कर दिया हो लेकिन बंगलूरू में लोगों ने अब भी बीजेपी पर भरोसा जताया है। यहां की कुल 28 सीटों में से 13 पर कांग्रेस और 12 पर बीजेपी को जीत मिली है। मतलब यहां कांग्रेस को बीजेपी से केवल एक सीट ज्यादा मिली है।


11- रागा बनाम नमो
कर्नाटक की जिन 42 सीटों पर राहुल गांधी ने प्रचार किया उनमें से कांग्रेस ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की। मतलब उनकी सफलता का प्रतिशत 59.5 फीसदी रहा जबकि नरेंद्र मोदी ने 50 सीटों पर प्रचार किया था वहां बीजेपी 21 सीटों पर ही जीत दर्ज करा पाई। मोदी की सफलता का प्रतिशत 42 फीसदी ही रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed