2050 तक पूरी कर ली जाएगी बिजली की कमी
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भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के रेडियो रासायनिक और आइसोटोप वर्ग के निदेशक डॉ. केएल रामकुमार ने बताया कि 2050 में देश में बिजली की कमी नहीं होगी। बीएआरसी नाभिकीय ऊर्जा से बिजली तैयार करने का काम कर रहा है।
इसके लिए केंद्र ने एक संयंत्र तैयार किया है। उस पर काम हो रहा है। आईआईटी बीएचयू और इंडियन थर्मल की संचालन समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने ये जानकारी दी।
डॉ. रामकुमार ने बताया कि केंद्र ने कूड़े से खाद बनाने की तकनीक भी ईजाद है। इस तकनीक का बनारस में उपयोग किया जा सकता है। इससे न सिर्फ यहां का प्रदूषण कम होगा बल्कि खेती किसानी को भी इससे लाभ होगा और स्वच्छ भारत मिशन भी आगे बढ़ेगा।
फ्यूल सेल का होगा प्रयोग
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की डॉ. एसआर भारद्वाज ने कहा कि देश में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत कोयला है और हमारे पास ऊर्जा का ये संसाधन सीमित है। ऐसे में हमें हाइड्रोजन और ईंधन बैटरी (फ्यूल सेल) जैसे ऊर्जा स्रोत का प्रयोग करना चाहिए।
इस क्षेत्र में शोध और अनुसंधान की जरूरत है। केंद्र के डॉ. एस कन्नान ने भी अपने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. डी गिरी ने किया। संचालन डॉ. सलील वर्मा और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रभाकर सिंह ने किया।