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हैकर्स ने 41 हजार का बिल बनाया 180 रुपये का

Thu, 08 Nov 2012 10:54 AM IST
फीरोजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 08 Nov 2012 10:54 AM IST
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electricity bill of 180 became of 41000 due to irregularity

ऑनलाइन बिजली बिल बनाने की प्रक्रिया में सेंध लगाकर एक बड़े घोटाले को अंजाम देने का मामला सामने आया है। 50 ऐसे प्रकरण जांच में सामने आ चुके है, जिनमें उपभोक्ताओं बिलों को कम किया गया और विभाग को करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

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कंप्यूटर ऑपरेटर ने एसडीओ की आईडी का पासवर्ड चोरी कर इस पूरे मामले को अंजाम दिया। ऑपरेटर सहित दो के खिलाफ थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई दी गई है। जांच जारी है तथा अभी और भी खुलासे सामने आ सकते है।
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सुहाग नगर स्थित विद्युत उप संस्थान पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर सनी शर्मा और चतुर्थ श्रेणी कर्मी को यतेंद्र को घटना के संबंध में नामजद किया गया हैं। सनी संविदा कर्मी है, दोनों एसडीओ आरके पुष्कर से अटैच्ड हैं। ऑनलाइन बिजली के बिल बनने शुरू होने के बाद मास्टर माइंड ऑपरेटर सनी ने एसडीओ की आईडी का पासवर्ड चोरी कर लिया।
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अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया जेई शिवपुरी निवासी अशोक जैन के यहां पर 41 हजार बकाए का बिल  वसूलने गए थे। बिल जमा करने की बात कही तो उसने बताया कि उसने भुगतान कर दिया है और उसने 182 रुपए के भुगतान की रसीद दिखा दी।

मामला संदिग्ध लगने पर जांच की गई की गई पूरे गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। अब तक जांच में 50 मामले ऐसे मामले सामने आ चुके है, जिनका बड़ा बिल था लेकिन उसे कम राशि का कर दिया गया। इन पचास मामलों में ही करीब 12 लाख का नुकसान विभाग को हुआ है। अभी जांच में और भी मामले सामने आ सकते हैं।

एसडीओ आरके पुष्कर ने बताया कि दोनों के खिलाफ थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन उपभोक्ताओं के खिलाफ भी विभाग कार्यवाही कर रहा है जो इस फ्राड में शामिल हुए हैं।


फ्रॉड में चूक से धरे गए
घपला करने वाले कर्मचारी बड़ी चूक कर बैठे। 41 हजार के बिल को मात्र 182 रुपये कर दिया, जबकि उपभोक्ता पर दस महीने का बिल बकाया था। इसी से अधिकारियों को बिल पर संदेह पैदा हो गया।

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