फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   elections can not win by economic reforms

'आर्थिक सुधारों के सहारे चुनाव नहीं जीते जा सकते'

Fri, 28 Sep 2012 01:02 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 28 Sep 2012 01:02 AM IST
विज्ञापन
elections can not win by economic reforms
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधारों को लेकर भले ही यह संदेश दिया जा रहा हो कि समूचे यूपीए ने दिल खोल कर इन पर मुहर लगाई है। मगर यूपीए की समन्वय समिति की बैठक में घटक दलों ने प्रधानमंत्री समेत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को खरी-खरी सुनाते हुए कह डाला है कि सुधार तो ठीक हैं, मगर इनसे चुनाव नहीं जीते जा सकते। यही नहीं, द्रमुक और राकांपा ने सरकार और कांग्रेस पर रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी बढ़ाने और डीजल के मूल्य में कमी करने के लिए भारी दबाव डाला है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को यूपीए के घटक दलों की समन्वय बैठक के बाद भले ही वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा कि पिछले दस दिनों में लिए गए फैसलों को सहयोगियों ने जरूरी बताते हुए स्वागत किया है और आगे भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे, मगर प्रधानमंत्री निवास पर हुई बैठक के दौरान माहौल खासा गरम रहा।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री को सहयोगियों को अपने आर्थिक सुधारों के एजेंडे पर भरोसे में लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं वित्त मंत्री ने भी सहयोगियों को काफी समझाने की कोशिश की, मगर द्रमुक और राकांपा ने मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को साफ कहा कि आर्थिक सुधारों के सहारे चुनाव नहीं जीते जा सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक द्रमुक नेता टीआर बालू ने कहा कि आर्थिक सुधार कितने भी जरूरी हों, लेकिन निकट आ रहे चुनावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बालू ने कहा कि गैस सिलेंडर पर लगी पाबंदी को साल में छह से बढ़ाकर 12 सिलेंडर करना चाहिए। शरद पवार ने भी बालू का समर्थन करते हुए कहा कि अगर सिलेंडर पर सब्सिडी बढ़ाई जाती है तो यह जनता के हक में होगा और उसका भरोसा जीतने में आसानी होगी।

वहीं बालू ने कहा कि सरकार आर्थिक सुधारों के सहारे ही अपनी छवि नहीं बदल सकती। रसोई, डीजल और पेट्रोल कीमतों में वृद्घि के फैसलों से जनता के बीच यूपीए सरकार की छवि जन विरोधी बनी है। बैठक में खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के खिलाफ विपक्ष के चौतरफा विरोध से मुकाबले करने के लिए भी रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।


पीएम ने क्या समझाया
समन्वय समिति की बैठक के बाद चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सहयोगियों को बताया कि आर्थिक सुधारों के फैसले से रुपए में उतार चढ़ाव में कमी आएगी और साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में निवेश भी बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि सहयोगियों ने सरकार के फैसलों का स्वागत किया है। यही नहीं, चिदंबरम ने कहा कि आर्थिक स्थिरता के लिए कड़े कदम उठाना जरूरी है। वहीं महाराष्ट्र के मौजूदा सियासी संकट और बीमा व पेंशन में विदेशी निवेश जैसे सुधार के उपायों पर उन्होंने बताया कि इन संबंध में कोई चर्चा नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed