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भाजपा में बेटों को टिकट दिलाने की होड़
जयप्रकाश पाराशर/भोपाल
Updated Sat, 14 Sep 2013 09:50 PM IST
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कांग्रेस के वंशवाद पर अक्सर कटाक्ष करने वाले भाजपा नेताओं में अपने बेटों का राजनीतिक करियर बनाने की होड़ चल पड़ी है। इंदौर में उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे आकाश को चुनाव के मैदान में उतारने के एवज में खुद चुनाव न लड़ने की घोषणा की थी।
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अब इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन ने अपने बेटे मंदार महाजन के लिए अपील कर डाली कि अगर वह काबिल है तो उसे विधानसभा का टिकट क्यों नहीं मिलना चाहिए?
कैलाश विजयवर्गीय की बात पर राजनीतिक हलकों में किसी को विश्वास नहीं है कि वह चुनाव का मैदान छो़ड़ सकते हैं। लेकिन सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार महाजन के विधानसभा टिकट के लिए काफी समय से लॉबिंग कर रही हैं।
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जिले की दो विधानसभा सीटों देपालपुर और राऊ पर सुमित्रा महाजन की नजर है। देपालपुर की विधानसभा सीट अभी कांग्रेस के पास है लेकिन सुमित्रा महाजन का वहां अच्छा प्रभाव है।
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दूसरी तरफ कैलाश विजयवर्गीय राऊ की सीट पर नजरें गड़ाए हैं। सुमित्रा महाजन के बयान को कैलाश विजयवर्गीय के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुमित्रा महाजन ने पहले तो कहा कि बेटे को विधानसभा का चुनाव लड़ना है तो वह टिकट लाए और चुनाव लड़े। लेकिन परिवारवाद के मुद्दे पर कहा कि यदि परिवार में कोई काबिल है तो उसे मौका मिलने दो।
मध्य प्रदेश की राजनीति में बहुत से नेताओं ने या तो अपने पुत्रों-भतीजों को राजनीति में उतार दिया है अथवा उतारने की तैयारी चल रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के पुत्र कार्तिकेय सिंह और मंत्री गोपाल भार्गव के पुत्र भी राजनीति के मैदान में सक्रिय हुए हैं, हालांकि उनके अभी टिकट मांगने की संभावना नहीं है। वे अपने पिताओं के चुनाव प्रबंधन में हाथ आजमाएंगे।