फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   election on ballot paper in varanasi

तो वाराणसी में बैलेट पेपर से होगा चुनाव!

Fri, 25 Apr 2014 01:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 25 Apr 2014 01:01 PM IST
विज्ञापन
election on ballot paper in varanasi

लोकसभा चुनाव के लिए 78 लोगों के नामांकन करने से जिला प्रशासन के समक्ष फिर से पुरानी व्यवस्था में चुनाव कराने की चुनौती पैदा हो गई है। तैयारी के लिए उसके पास सिर्फ 13 दिन बचेंगे।

विज्ञापन


इस दौरान बैलेट पेपर छपवाने से लेकर फर्जी मतदान रोकने, बैलेट बाक्स में पानी डालने जैसी घटनाओं से निबटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने पड़ेंगे। यही नहीं, निर्वाचन आयोग को बैलेट पेपर से मतदान कराने के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए तमाम जतन भी करने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन

 
वाराणसी संसदीय सीट से अंतिम दिन 24 अप्रैल तक कुल 78 लोगों ने परचा भरा। अब 25 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच के अलावा 28 को नाम वापसी की तिथि तय की गई है। इसके बाद भी अगर 63 से अधिक प्रत्याशी मैदान में डटे रहे तो प्रशासन को बैलेट पेपर के जरिये चुनाव की व्यवस्था करनी पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

ईवीएम में सिर्फ 63 प्रत्याशी

election on ballot paper in varanasi

पूर्व में जब बैलेट पेपर के जरिये चुनाव होते थे तब कई जगहों पर फर्जी मतदान के अलावा बैलेट बाक्स लूटने, इसमें पानी डालने की घटनाएं होती रहती थीं। बैलेट बाक्स को बचाने के लिए निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ खुफिया तंत्र को और सक्रिय करना पड़ता था।

इसीलिए निर्वाचन आयोग ने ईवीएम से वोट डालने की व्यवस्था की है। एक बैलेट यूनिट में 16 प्रत्याशियों के नाम फीड करने की व्यवस्था है। एक कंट्रोल यूनिट से चार बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती है। ऐसे में प्रति बैलेट यूनिट के हिसाब से एक कंट्रोल यूनिट से कुल 64 प्रत्याशियों के नाम जोड़े जा सकते हैं अर्थात कुल 64 प्रत्याशियों के नाम ही ईवीएम में दर्ज हो सकते हैं।

इसमें भी बैलेट यूनिट में 64वें नंबर पर नोटा (नन आफ द एबब) है। ऐसे में 63 से अधिक प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में होने पर बैलेट पेपर से ही चुनाव कराने का विकल्प बचता है।

देना पड़ेगा बैलेट पेपर का प्रशिक्षण

election on ballot paper in varanasi

पुरानी व्यवस्था में चुनाव कराने की स्थिति में प्रशासन को गोदाम में बंद पड़े बैलेट बाक्स को निकालकर विधानसभा व बूथवार रेंडमाइजेशन कराने के अलावा बहुत कम समय में प्रत्याशियों को आवंटित चुनाव चिह्न के साथ बैलेट पेपर भी छपवाना पड़ेगा।

चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को बैलेट पेपर से चुनाव कराने के लिए प्रशिक्षण देना पड़ेगा। मास्टर ट्रेनरों की व्यवस्था करनी पड़ेगी। उन्हें भी प्रशिक्षण देना होगा।

यह व्यवस्था सिर्फ 12 दिन के अंदर अर्थात 10 मई तक करनी होगी क्योंकि 12 मई को होने वाले मतदान के दृष्टिगत मतदानकर्मियों को 11 मई को विधानसभावार निर्धारित स्थलों से ड्यूटी वाले बूथों के लिए रवाना भी करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed